मानसून की पहली बारिश में नाला उफान पर आ गया, जिसमें मां और 8 महीने का मासूम बह गए, बच्चे का शव मिल गया है जबकि मां की तलाश जारी है।
सोनभद्र,(उत्तर प्रदेश)। सोनभद्र जिले में मानसून की पहली ही तेज बारिश ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पल भर में उजाड़ दीं। अनपरा थाना क्षेत्र के एमटीसी कंपनी के पास अचानक उफनाए एक बरसाती नाले ने मां और उसके आठ महीने के मासूम बच्चे को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में मासूम बच्चे की मौत हो गई है, जिसका शव घटनास्थल से तीन किलोमीटर दूर बरामद किया गया। वहीं, लापता मां का अब तक सिर्फ कपड़ा ही मिल सका है, उसका कोई सुराग नहीं लगा है। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
अचानक बढ़े जलस्तर ने दोनों को आगोश में लिया
मिली जानकारी के अनुसार, अनपरा थाना क्षेत्र के एमटीसी कंपनी के पास रहने वाली 25 वर्षीय सविता देर शाम अपने आठ महीने के मासूम बच्चे को लेकर घर से निकली थी। थाना प्रभारी के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला का घर नाले के बिल्कुल करीब है और वह संभवतः शौच के लिए निकली थी। इसी दौरान अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जिससे बरसाती नाले का जलस्तर और बहाव पल भर में बेहद तेज हो गया। नाला पार करते समय मां और बेटा पानी के इस प्रचंड वेग को संभाल नहीं पाए और तेज धारा में बह गए।
सुबह शुरू हुआ रेस्क्यू, 3 किमी दूर मिला मासूम का शव
यह घटना देर रात की होने के कारण शुरुआत में किसी को इसकी भनक नहीं लगी। सुबह होते ही जब पुलिस को मामले की जानकारी मिली, तो तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। स्थानीय पुलिस और गोताखोरों की कड़ी मशक्कत के बाद, घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर मासूम बच्चे का शव बरामद कर लिया गया। हालांकि, काफी खोजबीन के बाद भी मां सविता का कुछ पता नहीं चल सका है, पुलिस को नाले के पास से केवल उसके कपड़े बरामद हुए हैं।
पति था घर से बाहर, परिजनों को 'चमत्कार' की उम्मीद
बताया जा रहा है कि घटना के वक्त महिला का पति घर पर मौजूद नहीं था। जैसे ही उसे इस अनहोनी की सूचना मिली, वह बदहवास हालत में मौके पर पहुंचा। इस हादसे ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। वर्तमान में पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय गोताखोरों की टीमें नाले और उसके आसपास के संभावित इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। मासूम की मौत से जहां पूरे गांव की आंखें नम हैं, वहीं परिजन और ग्रामीण अब भी किसी चमत्कार की उम्मीद लगाए बैठे हैं, कि काश सविता सकुशल मिल जाए। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बारिश के मौसम में उफनते नदी-नाले और थोड़ी सी भी लापरवाही पल भर में जिंदगी को खत्म कर सकती है।
यह भी पढ़ेंः कटघोरा में दर्दनाक हादसा, खेलते समय करंट की चपेट में आने से 10 माह के मासूम की मौत