छतरपुर जिले से एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। एक मां अपने कलेजे के टुकड़े की जुदाई का गम बर्दाश्त नहीं कर पाई।
छतरपुर (मध्य प्रदेश)। छतरपुर जिले से एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। एक मां अपने कलेजे के टुकड़े की जुदाई का गम बर्दाश्त नहीं कर पाई। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में जैसे ही मासूम बेटे की सांसें थमीं, उसके ठीक 10 मिनट बाद सदमे में मां ने भी अपनी आखिरी सांस ली। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
रास्ते में ही थम गईं मासूम की सांसें
जानकारी के मुताबिक, छतरपुर निवासी रजिया खातून का 6 वर्षीय मासूम बेटा हुसैन अहमद अचानक गंभीर रूप से बीमार हो गया था। बच्चे की नाजुक हालत को देखते हुए मां रजिया उसे अपनी गोद में लेकर तुरंत जिला अस्पताल के लिए रवाना हुईं। रजिया ने अपने बेटे को सीने से लगा रखा था लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में मासूम हुसैन के शरीर में हलचल पूरी तरह बंद हो गई और उसने दम तोड़ दिया।
बेटे की मौत का सदमा नहीं झेल पाई मां
अपनी गोद में खेल रहे मासूम बच्चे को हमेशा के लिए शांत होता देख मां रजिया खातून पूरी तरह टूट गईं। बेटे की मौत का गहरा सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर सकीं। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, जैसे ही बेटा शांत हुआ, उसके ठीक 10 मिनट बाद गाड़ी की सीट पर टिकी मां रजिया भी अचेत हो गईं और फिर कभी नहीं उठीं।
डॉक्टरों ने दोनों को घोषित किया मृत
जब परिजन आनन-फानन में दोनों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, तो वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मां और बेटे दोनों को ही मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का अनुमान है कि बच्चे की मौत के तुरंत बाद मां को गहरा मानसिक सदमा लगा, जिसके कारण उनका दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ने या कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया।
मातम में घिरा परिवार
इस दोहरे हादसे के बाद से पूरे परिवार और इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। एक साथ मां और बेटे की अर्थी उठने की इस दुखद घटना से हर आंख नम है।
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