मध्यप्रदेश सरकार ने सरदार सरोवर बांध परियोजना से विस्थापित आदिवासी परिवारों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। राज्य सरकार अब विस्थापितों को दिए गए आवासीय भूखंडों की रजिस्ट्री स्वयं कराएगी।
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने सरदार सरोवर बांध परियोजना से विस्थापित आदिवासी परिवारों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। राज्य सरकार अब विस्थापितों को दिए गए आवासीय भूखंडों की रजिस्ट्री स्वयं कराएगी। इसके लिए लाभार्थी परिवारों को किसी भी तरह का शुल्क नहीं देना होगा। सरकार इस योजना पर लगभग 600 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
धनवाही और बरगी सिंचाई परियोजना को भी मंजूरी
यह महत्वपूर्ण निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। बैठक में सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों के साथ-साथ धनवाही और बरगी सिंचाई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई।
25,602 आदिवासी परिवारों को लाभ
सरदार सरोवर परियोजना के कारण विस्थापित हुए 25,602 आदिवासी परिवारों को पहले ही आवासीय भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी रजिस्ट्री नहीं हो पाई थी। सरकार के इस फैसले से इन परिवारों को कानूनी रूप से भूमि का स्वामित्व मिलेगा, जिससे उन्हें भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सरकार वहन करेगी पूरा खर्च
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आदिवासी परिवारों से रजिस्ट्री के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। स्टांप ड्यूटी और पंजीयन से जुड़ा पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इससे विस्थापित परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी होगी।
सिंचाई परियोजनाओं को भी मंजूरी
मंत्रिपरिषद की बैठक में धनवाही और बरगी सिंचाई परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई। इन परियोजनाओं के पूरा होने से किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी और कृषि उत्पादन बढ़ेगा।
सामाजिक न्याय व आदिवासी कल्याण की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का कहना है कि यह फैसला सामाजिक न्याय और आदिवासी कल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे विस्थापित परिवारों को सम्मानजनक जीवन मिलेगा और उनका भविष्य सुरक्षित होगा।
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