प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News
  • देहरादून: BJP के डेमोग्राफिक बयान पर कांग्रेस MLA काजी निजामुद्दीन ने कहा- 'चुनाव के लिए भ्रामक प्रचार कर रही BJP, इतिहास का हवाला देकर घेरी सत्ताधारी पार्टी'
  • घरेलू गैस आपूर्ति को लेकर प्रशासन अलर्ट, प्रशासन ने घरेलू गैस आपूर्ति समस्या के संबंध में जारी किया नंबर
  • रायबरेली: बाइक सवार छात्रों को ट्रक ने मारी टक्कर, हादसे में 2 छात्रों की मौत, 1 छात्रा गंभीर रूप से घायल, घायल छात्रा को अस्पताल में कराया भर्ती, इलाज जारी
  • आगरा: तेज रफ्तार प्राइवेट बस पलटी, हादसे में करीब 12 लोग घायल, सभी घायलों को इलाज के लिए भेजा अस्पताल
  • मेरठ: तेज रफ्तार कार का कहर, कार ने स्कूटी में मारी जोरदार टक्कर, स्कूटी और चालक को 200 मीटर तक घसीटा, पूरी घटना CCTV में कैद
  • ललितपुर: पुलिस ने करीब 1 करोड़ 71 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले 1 आरोपी को गिरफ्तार किया, 1 स्कॉर्पियो, 2 मोबाइल और 1 घड़ी बरामद
  • मुरादाबाद: रात में गांव के पास दिखा तेंदुआ, इलाके में फैली दहशत, सूचना के बाद आसपास के गांवों में लोगों से सतर्क रहने की अपील
  • अमेठी: पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़, 50 हजार रुपए का इनामी अंतर्जनपदीय बदमाश गिरफ्तार, व्यापारी को अगवा कर ली थी फिरौती
  • राजस्थान में परिसीमन के बाद जुड़ेंगी 70 नई विधानसभा सीटें, जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन के बाद प्रदेश में विधायकों की संख्या 200 से बढ़कर 270 हो होगी

किसानों के साथ बैठक में मप्र सरकार का फैसला

किसानों के विरोध के बाद उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर में अहम बदलाव

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने किसानों के कड़े विरोध के बाद उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर परियोजना में महत्वपूर्ण बदलाव करने का निर्णय लिया है।

किसानों के विरोध के बाद उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर में अहम बदलाव

MP Govt Revises Ujjain-Indore Greenfield Corridor After Farmers’ Protest |

इंदौर। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने किसानों के कड़े विरोध के बाद उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर परियोजना में महत्वपूर्ण बदलाव करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और किसान प्रतिनिधियों के बीच भोपाल में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह फैसला लिया गया।

अब जमीनी स्तर पर ही ऊंचाई

कॉरिडोर की ऊंचाई कम होगी। किसानों की सबसे बड़ी मांग यह थी कि कॉरिडोर की ऊंचाई बहुत अधिक होने से उनके खेत दो हिस्सों में बंट रहे थे और आवाजाही में समस्या आ रही थी। अब सरकार ने इस रोड को एलिवेटेड (ऊंचाई पर) बनाने के बजाय जमीन के स्तर (At-grade) पर ही बनाने का निर्णय लिया है। 

अधिग्रहित भूमि की बढ़ेगी मुआवजा राशि

बढ़ा हुआ मुआवजा: मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया है कि अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के लिए मुआवजे की राशि में बढ़ोतरी की जाएगी। अब किसानों को उनकी जमीन का बाजार भाव के अनुरूप उचित दाम मिलेगा। इसके साथ सर्विस रोड का निर्माण किया जाएगा। स्थानीय किसानों की सुविधा के लिए इस कॉरिडोर के साथ-साथ सर्विस रोड भी बनाई जाएगी, ताकि ग्रामीण और किसान आसानी से आवाजाही कर सकें।

यह फैसला इसलिए

यह कॉरिडोर सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए बनाया जा रहा है ताकि इंदौर और उज्जैन के बीच यात्रा का समय घटकर मात्र 30-40 मिनट रह जाए। हालांकि, इंदौर और उज्जैन जिले के करीब 28 गांवों के किसान भूमि अधिग्रहण और रोड की ऊंचाई को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा, "सरकार विकास के साथ-साथ किसान हितों को सर्वोपरि रखती है। किसानों की सहमति से ही इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जाएगा।"

क्या है योजना

परियोजना की कुल लागत करीब ₹2,000 करोड़ है। इसकी लंबाई करीब 48 किलोमीटर है। इससे इंदौर के 20 और उज्जैन के 8 गांव प्रभावित होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ 2028 के दौरान यातायात को सुगम बनाना है।

यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/lifestyle/the-riveting-history-of-levi-strauss-and-the-birth-of-blue-jeans/145964

सफर जिसने पहनावे की दुनिया बदल दी, पैंट जल्द फटता था इसी से मिला जींस का आइडिया

Related to this topic: