मध्य प्रदेश में अवैध कॉलोनियों के निर्माण और अवैध प्लॉटिंग को रोकने के लिए राज्य सरकार अगले तीन महीनों के भीतर एक नया और बेहद सख्त कानून लाने जा रही है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में अवैध कॉलोनियों के निर्माण और अवैध प्लॉटिंग को रोकने के लिए राज्य सरकार अगले तीन महीनों के भीतर एक नया और बेहद सख्त कानून लाने जा रही है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शुक्रवार को विधानसभा में इसकी घोषणा की।
नए कानून के मुख्य प्रावधान
मंत्री विजयवर्गीय के अनुसार, प्रस्तावित कानून में अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। इसमें इसमें लंबी जेल की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान होगा। कानून के तहत अवैध कॉलोनाइजरों की संपत्ति को सरकार द्वारा जब्त (राजसात) करने का भी अधिकार होगा। विभाग द्वारा ड्राफ्ट लगभग तैयार कर लिया गया है, जिसे जल्द ही सीनियर सेक्रेटरी की कमेटी के पास भेजा जाएगा। उम्मीद है कि इसे आगामी मानसून सत्र में सदन में पेश कर दिया जाएगा।
अवैध कॉलोनी तेजी से बढ़ रही
रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में अवैध कॉलोनियों का जाल बहुत तेजी से फैला है। प्रदेश में अवैध कॉलोनियों की संख्या 5,000 से अधिक होने का अनुमान है। केवल भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन में ही नगर निगमों के सर्वे में 1586 अवैध कॉलोनियाँ चिन्हित की गई हैं। वर्ष 2016 से 2025 के बीच इन कॉलोनियों की संख्या दोगुनी हो गई है।
भाजपा विधायकों ने ही घेरा
सदन में इस मुद्दे पर सत्तापक्ष के विधायकों ने भी अपनी चिंता जताई। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा विधायक सीतासरण शर्मा ने अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण का मुद्दा उठाते हुए कहा, "अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोग भी मतदाता हैं और वे टैक्स भी देते हैं। लेकिन वहां विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं क्योंकि सांसद और विधायक निधि के इस्तेमाल पर रोक लगी है। इसका ठोस समाधान होना चाहिए।"
विधानसभा सत्र का समापन
इसके साथ ही विधानसभा के बजट सत्र का समापन हुआ। समापन भाषण के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा सचिवालय की कार्यप्रणाली की सराहना की और चुटकी लेते हुए कहा कि यदि सरकार का सचिवालय भी विधानसभा जैसा चुस्त-दुरुस्त हो जाए, तो प्रदेश नई ऊंचाइयों पर पहुंच जाएगा।
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