बालाघाट जिले के लिए यह खबर भावुक कर देने वाली है। पाकिस्तान की जेल में 14 साल का लंबा समय बिताने के बाद बालाघाट के खैरलांजी गांव निवासी प्रसन्नजीत रंगारी (38 वर्ष) आखिरकार रिहा हो गया है।
बालाघाट। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के लिए यह खबर भावुक कर देने वाली है। पाकिस्तान की जेल में 14 साल का लंबा समय बिताने के बाद बालाघाट के खैरलांजी गांव निवासी प्रसन्नजीत रंगारी (38 वर्ष) आखिरकार रिहा हो गया है। उसकी रिहाई की खबर मिलते ही गांव और परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।
परिवार झेलता रहा मानसिक पीड़ा
जानकारी के अनुसार, प्रसन्नजीत किसी कारणवश करीब 14 साल पहले पाकिस्तान पहुंच गया था, जहां उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। लंबे समय तक वह पाकिस्तान की जेल में बंद रहा। कई सालों तक परिवार को उसके बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई, जिससे परिजन मानसिक पीड़ा झेलते रहे।
प्रसन्नजीत ने भावुक हो बहन की बात
पाकिस्तान से शनिवार को अमृतसर पहुंचने के बाद प्रसन्नजीत की भारत वापसी की प्रक्रिया शुरू हुई। रविवार रात मंडीण थाना पुलिस ने उसके परिजनों से वीडियो कॉल पर बात कराई। इस दौरान बहन से बात करते हुए प्रसन्नजीत भावुक हो गया और बोला—“दीदी, अब घर आना है, लेकिन मुझे नहीं पता कैसे आऊंगा, मेरे पास टिकट तक नहीं है।”
रिहाई की खबर फैलते ही खिलाने लगे मिठाई
यह सुनते ही परिवार की आंखें नम हो गईं। बहन ने उसे ढांढस बंधाते हुए जल्द घर लाने का भरोसा दिलाया। परिवार ने प्रशासन और सरकार से अपील की है कि प्रसन्नजीत की सुरक्षित और जल्द से जल्द घर वापसी कराई जाए। प्रसन्नजीत की रिहाई की खबर जैसे ही गांव पहुंची, लोग एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर करने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि 14 साल बाद किसी अपने का लौटना किसी चमत्कार से कम नहीं है।
14 साल कैद के बाद गांव का सपना होगा साकार
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, प्रसन्नजीत को भारत लाने और उसके घर पहुंचाने की प्रक्रिया में संबंधित विभागों से समन्वय किया जा रहा है। जल्द ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर उसे उसके परिवार तक पहुंचाया जाएगा। 14 साल की कैद के बाद आज़ादी की सांस ले रहा प्रसन्नजीत अब सिर्फ एक ही सपना देख रहा है,अपने गांव, अपने घर और अपने परिवार से फिर से मिलना।
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