शहर में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को एक नई पहचान मिलने वाली है। दिल्ली के रिंग रोड की तर्ज पर ग्वालियर में प्रदेश की पहली एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जा रहा है।
ग्वालियर। शहर में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को एक नई पहचान मिलने वाली है। दिल्ली के रिंग रोड की तर्ज पर ग्वालियर में प्रदेश की पहली एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जा रहा है, जो नदी के ऊपर स्थित होगी। यह प्रोजेक्ट आधुनिक इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना माना जा रहा है।
यह है विशेषताएं
इस एलिवेटेड रोड का निर्माण स्वर्ण रेखा नदी के ऊपर किया जा रहा है, जो इसे राज्य के अन्य शहरों जैसे भोपाल और इंदौर के प्रोजेक्ट्स से अलग और खास बनाता है। इस सड़क की कुल लंबाई करीब 13.85 किलोमीटर (करीब 14 KM) लंबी होगी। इंजीनियरिंग ढांचा के हिसाब से यह सड़क 293 पिलर पर खड़ा होगा। शहर के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए इसमें 14 लूप बनाए गए हैं, जिससे यातायात सुगम होगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के 2027 तक बनकर तैयार होने की संभावना है।
इसलिए यह प्रोजेक्ट खास
यह मध्य प्रदेश की पहली ऐसी एलिवेटेड रोड है जो पूरी तरह से एक नदी (स्वर्ण रेखा) के ऊपर बनाई जा रही है। इस रोड के शुरू होने से ग्वालियर के अंदरूनी इलाकों में लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से जनता को राहत मिलेगी। रिपोर्ट के अनुसार, इस स्तर की तकनीक और डिजाइन फिलहाल भोपाल या इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी उपलब्ध नहीं है।
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