सिटी कोतवाली राजनांदगांव पुलिस ने साइबर ठगी में प्रयुक्त म्यूल अकाउंट के एक धारक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)। साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सिटी कोतवाली राजनांदगांव पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी में प्रयुक्त म्यूल अकाउंट के एक धारक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि के लेन-देन में संलिप्त पाया गया।
डोंगरगढ़ का रहने वाला है आरोपी रूपेन्द्र
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी रूपेन्द्र कुमार वर्मा (25 वर्ष) निवासी ग्राम पलान्दुर, ओ.पी. मोहारा, थाना डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव है। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर एवं नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक उपेन्द्र कुमार शाह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश की जा रही थी।
गृह मंत्रालय के 'समन्वय पोर्टल' से खुला राज
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत संचालित भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के "समन्वय पोर्टल" से प्राप्त जानकारी के आधार पर ऐसे बैंक खातों की पहचान की गई, जिनका उपयोग साइबर ठगी से अर्जित धनराशि के लेन-देन और हस्तांतरण के लिए किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि संबंधित बैंक खातों के माध्यम से साइबर अपराध से प्राप्त राशि को प्राप्त कर आगे अन्य खातों में ट्रांसफर किया जा रहा था। खाताधारकों द्वारा यह जानते हुए भी कि राशि धोखाधड़ी से प्राप्त की गई है, उसका उपयोग किया जा रहा था। इस आधार पर थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 279/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
पुलिस ने बताया कि इस मामले में पूर्व में आरोपी चुम्मन कुमार वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। विवेचना के दौरान दूसरे आरोपी रूपेन्द्र कुमार वर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसने अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद 09 जून 2026 को उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
क्या होता है म्यूल अकाउंट?
म्यूल अकाउंट वह बैंक खाता होता है जिसका उपयोग साइबर अपराधी ठगी से प्राप्त धनराशि को छिपाने, ट्रांसफर करने या निकालने के लिए करते हैं। अपराधी अक्सर लोगों को कमीशन या लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे जांच एजेंसियों के लिए धन के वास्तविक स्रोत तक पहुंचना कठिन हो जाता है।
पुलिस की अपील
राजनांदगांव पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या मोबाइल सिम किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें। खाता किराये पर देना, कमीशन पर उपलब्ध कराना या बेचना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में खाताधारकों और मध्यस्थों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें: राजस्थान: ₹53 लाख की चोरी का खुलासा: 1200 CCTV फुटेज खंगालकर दो शातिर बदमाश गिरफ्तार