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अलग-अलग जगह पर बच्चों पर हमला

तेंदुए के हमले में नौ वर्षीय लड़के की मौत, तीन साल की बच्ची घायल

उत्तर प्रदेश के बहराइच में तेंदुए के हमले में एक नौ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि तीन वर्षीय बच्ची घायल हो गई।

तेंदुए के हमले में नौ वर्षीय लड़के की मौत तीन साल की बच्ची घायल

Nine-year-old boy killed, three-year-old girl injured in leopard attack |

बहराइच (उत्तर प्रदेश)। जिले में तेंदुए के हमले की दो अलग-अलग घटनाओं में नौ वर्षीय एक बच्चे की मौत हो गई जबकि तीन साल की बच्ची घायल हो गई। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

बाढ़ के कारण आबादी वाले इलाकों में वन्यजीवों के आने की घटनाएं बढ़ी

वन विभाग के अनुसार, जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बाढ़ के कारण आबादी वाले इलाकों में वन्यजीवों के आने की घटनाएं बढ़ी हैं। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) अपूर्व दीक्षित ने बताया कि कतर्नियाघाट रेंज के आनंद नगर गांव में सोमवार रात करीब नौ बजे सड़क किनारे लगे हैंडपंप से पानी लेने गये नौ वर्षीय राजवीर पर तेंदुए ने हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से घायल राजवीर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाते रास्ते में दम तोड़ दिया।

बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

दीक्षित ने बताया कि बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। वन विभाग की ओर से तत्काल राहत के तौर पर उसकी मां को 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई और नियमानुसार मिलने वाले शेष मुआवजे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अधिकारी के अनुसार, घटनास्थल के पास तेंदुए के पंजों के निशान मिले हैं। उन्होंने बताया कि तेंदुए की पहचान के लिए कैमरा ट्रैप और उसे पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जा रहे हैं।

तीन वर्षीय बच्ची पर तेंदुए ने किया हमला

अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में बाढ़ के कारण वन्यजीव ऊंचे स्थानों और आसपास के ग्रामीण इलाकों की ओर आ रहे हैं। एक अन्य घटना में बहराइच वन प्रभाग के नानपारा रेंज अंतर्गत जुड़वा गांव में रविवार देर शाम तीन वर्षीय बच्ची पर तेंदुए ने हमला कर दिया। बहराइच वन्यजीव प्रभाग के डीएफओ सुन्दरेशा ने बताया कि हमले में घायल बच्ची को बहराइच मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे बेहतर उपचार के लिए लखनऊ स्थानांतरित कर दिया गया।

बच्ची की हालत खतरे से बाहर

उन्होंने बताया कि बच्ची सुरक्षित है और लखनऊ में उसकी हालत खतरे से बाहर है। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के डीएफओ दीक्षित ने बताया कि तेंदुओं को आबादी वाले क्षेत्रों से सुरक्षित निकालने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया, 21 जुलाई से अब तक 13 तेंदुओं को पकड़ा जा चुका है जबकि इस वर्ष की शुरुआत से अब तक कुल 18 तेंदुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। (इनपुट: भाषा)

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