उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोडीन कफ सिरप की वजह से राज्य में हुई मौतों को लेकर विधानसभा में समाजवादी पार्टी के विधायकों को करारा जवाब दिया है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोडीन कफ सिरप की वजह से राज्य में हुई मौतों को लेकर विधानसभा में समाजवादी पार्टी के विधायकों को करारा जवाब दिया है। सीएम योगी ने कहा कि सिरप से अभी तक यूपी में कोई मौत नहीं हुई है। नेता विरोधी दल को सपा इस उम्र में भी उनसे झूठ बुलवा रही है। सीएम ने कहा कि समय आने पर बुलडोजर एक्शन की तैयारी रहेगी, उस समय फिर चिल्लाना मत।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बगैर नाम लिये कहा कि 'देश के अंदर दो नमूने हैं। एक दिल्ली में बैठता है और दूसरा लखनऊ में। देश में कोई भी चर्चा होते ही वे तुरंत देश छोड़कर भाग जाते हैं।' विपक्ष ने इस पर जमकर हंगामा किया और नारेबाजी करते हुए बजट भाषण का बहिष्कार किया।
यूपी में कोडीन युक्त कफ सीरप मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में कहा कि कुछ बातें हैं।
पहली बात - कोडीन कफ सिरप से उत्तरप्रदेश में कोई मौत नही हुई है।
दूसरा - इस मामले में NDPC एक्ट के तहत कार्रवाई होगी, यह उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले को कोर्ट में जीता है।
तीसरा - उत्तरप्रदेश में इसका जो होलसेलर या जो बड़े होलसेलर हैं, उसको सबसे पहले एसटीएफ ने पकड़ा था, उसको 2016 में समाजवादी पार्टी ने लाइसेंस जारी किया था।
सीएम ने कहा कि जो फोटो रिलीज हो रही हैं, देश मेंं दो नमूने हैं, एक दिल्ली में, दूसरे लखनऊ में बैठते हैं। देश में जब कोई चर्चा होती है तो वह देश छोड़कर भाग जाते हैं। मुझे लगता है, यही आपके बबुआ के साथ भी हो रहा होगा। वह भी देश से इंग्लैंड के सैर सपाटे पर चले जाएंगे, आप लोग यहां चिल्लाते रहेंगे।
यूपी में कोडीन कफ सिरप के केवल स्टॉकिस्ट हैं और होलसेलर हैं, यहां प्रोडक्शन नहीं होता: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोडीन कफ सिरप का मुद्दा जो उठाया गया है इसे लेकर सरकार सतर्क है। इसके बारे में हमने पहले भी बताया कि नकली दवाओं से होनी वाली मौत की कोई बात नहीं आई है। जो मौत के प्रकरण हुए वो तमिलनाडु में बने हुए सिरप से हुए हैं। यूपी में कोडीन कफ सिरप इसके केवल स्टॉकिस्ट हैं और होलसेलर हैं। इसका यहां पर प्रोडक्शन नहीं होता है। ये मध्य प्रदेश, हिमाचल और अन्य राज्यों में होता है। मौत के प्रकरण अलग राज्यों में सामने आए हैं। कौन ऐसा व्यक्ति हैं जिसने कफ सिरप नहीं लिया, लेकिन चिकित्सीय परामर्श उसमें लिखा जाता है। सरकार ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की है।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में कहा, “इस मामले में एनडीपीएस मामले के तहत कार्रवाई होगी। उत्तर प्रदेश में जो इसके सबसे बड़े होलसेलर हैं, उसको एसटीएफ ने सबसे पहले पकड़ा था। उसको लाइसेंस 2016 में समाजवादी पार्टी ने जारी किया था। कंपनियों में भी सख्त कार्रवाई होती है।”
मामले में 79 अभियोग दर्ज, 225 अभियुक्त नामजद व 78 गिरफ्तार
सीएम योगी ने कहा कि यह पूरा प्रकरण एडिटेशन का नहीं, यह इल्लीगल डायवर्जन का है। इस डायवर्जन के कारण इन होलसेलर्स ने इसको उन देशों व उन राज्यों में पहुंचाया जहां मद्यनिषेध है, लेकिन वहां नशे के आदी लोगो को इसको लेने की आदत है, वहां उसका दुरुपयोग हुआ। जबकि बिना चिकित्सकीय परामर्श के इसका सेवन नही हो सकता, खासकर बच्चों के लिए। सीएम ने अब तक की गयी कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने जो कार्रवाई की इसमे 79 अभियोग दर्ज किए, 225 अभियुक्त नामजद, 78 अभियुक्त अबतक गिरफ्तार, 134 फर्म पर छापेमारी की कार्रवाई हुई है।
जल्दी ही कठोर कार्रवाई होगी, बुलडोजर भी चलेगा: सीएम योगी
उन्होंने कहा कि इसमें जितनी गहराई में जाएंगे घूम फिर कर वही मामला आता है, कि कहीं न कहीं कोई न कोई समाजवादी पार्टी से जुड़ा नेता या व्यक्ति चपेट में आता है। जो इल्लीगल ट्रांजेक्शन भी हुआ वो भी आपके एक लोहिया वाहिनी नेता के अकाउंट के माध्यम से हुआ। एसटीएफ इसमे जांच कर रही है। उत्तरप्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में इस मामले को एनडीपीएस एक्ट तहत चलाने को लेकर मामला जीता है। जल्दी ही कठोर कार्रवाई होगी। बुलडोजर भी चलेगा। फिर चिल्लाना मत।
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