सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि, पीड़िता वयस्क है और उसने अपनी सहमति से शादी की है।
खरगौन ( मध्य प्रदेश ) । स्थानीय अदालत ने महेश्वर थाना क्षेत्र की चर्चित गर्ल मोनालिसा को फिल्म में काम का लालच देकर भगाने वाले आरोपी मोहम्मद फरमान की अग्रिम जमानत खारिज कर दी गई। आरोपी फरमान पर नाबालिग मोनालिसा को बहला-फुसलाकर केरल ले जाकर उससे निकाह करने के आरोप हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट में मंडलेश्वर एसडीओपी श्वेता शुक्ला ने केस डायरी पेश की थी। इसके बाद स्थानीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) मंडलेश्वर ने आरोपी मोहम्मद फरमान की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
फरहान पर कूटरचित दस्तावेज बनाने का आरोप
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश रवि झारोला ने आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया। आरोपी की ओर से अधिवक्ता जैरी लोपेज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग व लखन भावरे भौतिक रूप से उपस्थित हुए। इस दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि, पीड़िता वयस्क है और उसने अपनी सहमति से शादी की है। हालांकि अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक पीएस अलावा और पीड़िता की माता के वकील विजय जोशी ने इसका विरोध किया हैं। उन्होंने दलील दी कि, पीड़िता नाबालिग है (जन्म तिथि 30 दिसंबर 2009) और आरोपी ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर सभी के सामने मोनालिसा को वयस्क दर्शाने का प्रयास किया है।
वहीं आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा
न्यायालय ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि, मामले में अनुसंधान अभी अधूरा है,और आरोपी पुलिस जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। आरोपी के फरार रहने और साक्ष्यों को प्रभावित करने की आशंका को देखते हुए। न्यायालय ने अग्रिम जमानत के आवेदन को निरस्त करने का आदेश जारी किया हैं। बता दे कि, इस वर्ष महेश्वर पुलिस थाने में दर्ज शिकायत के आधार पर यूपी का रहने वाला 25वर्षीय आरोपी मोहम्मद फरमान ने नाबालिग पीड़िता को फिल्मों में काम दिलाने के बहाने लालच देकर उसे केरल बुलाया था और उससे शादी कर ली थी। परिजनों की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और अजा/अजजा (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। फ़िलहाल न्यायालय ने आरोपी की याचिका को ख़ारिज कर दिया हैं। वहीं याचिका ख़ारिज होने से मोनालिसा के परिजनों को उसके घर लौटने की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।