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अमरनाथ यात्रा 2026

अमरनाथ यात्रा के लिए पूर्ण रुप से तैयार हुए 100 से अधिक ट्रांजिट कैंप और चार बेस कैंप

अमरनाथ तीर्थयात्रियों के स्वागत के लिए 100 से अधिक ट्रांजिट कैंप और चार बेस कैंप तैयार हैं।

अमरनाथ यात्रा के लिए पूर्ण रुप से तैयार हुए 100 से अधिक ट्रांजिट कैंप और चार बेस कैंप

Over 100 transit camps and four base camps fully prepared for the Amarnath Yatra |

कुलगाम, (जम्मू और कश्मीर)। में अमरनाथ यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को मजबूत करते हुए जम्मू से अनंतनाग (पहलगाम मार्ग) और गांदरबल (बालटाल मार्ग) तक जाने वाले पूरे रूट पर चार प्रमुख बेस कैंप और 100 से अधिक ट्रांजिट कैंप स्थापित किए गए हैं। ये सभी कैंप सीआरपीएफ, सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में संचालित किए जा रहे हैं, ताकि तीर्थयात्रियों को सुरक्षित और सुव्यवस्थित यात्रा अनुभव मिल सके।

कैंपों का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को ठहराने, भोजन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाना

इन कैंपों का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को ठहराने, भोजन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। कुलगाम जिले के मीर बाजार क्षेत्र में सीआरपीएफ की 46वीं बटालियन की निगरानी में एक प्रमुख ट्रांजिट कैंप बनाया गया है, जहां एक समय में लगभग 3,000 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था है। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत यात्रियों को निर्धारित समय पर इन कैंपों में रोका जाएगा।

स्वयंसेवी संगठनों द्वारा लगाए गए तीन सामुदायिक लंगर

यात्रियों के लिए भोजन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने हेतु उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा के स्वयंसेवी संगठनों द्वारा मीर बाजार कैंप में तीन सामुदायिक लंगर लगाए गए हैं। ये लंगर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराते हैं, जिसमें नाश्ता, दोपहर और रात का भोजन शामिल है। आयोजकों के अनुसार, प्रत्येक लंगर की क्षमता प्रतिदिन लगभग 4,000 से 5,000 लोगों को भोजन कराने की है।

मीर बाजार कैंप पूरे यात्रा मार्ग के बड़े लॉजिस्टिक

अधिकारियों ने बताया, कि यह मीर बाजार कैंप पूरे यात्रा मार्ग के बड़े लॉजिस्टिक ढांचे का हिस्सा है। भगवती नगर बेस कैंप से शुरू होकर पहलगाम और बालटाल मार्गों के जरिए पवित्र गुफा तक जाने वाले पूरे रास्ते में करीब 130 लंगर लगाए गए हैं। इसके अलावा चिकित्सा सुविधा, स्वच्छता व्यवस्था और सुरक्षा के लिए भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि यात्रा सुगम और सुरक्षित बनी रहे।

 विभिन्न राज्यों से आए स्वयंसेवक

लंगर संचालक मनोज शर्मा ने बताया, कि विभिन्न राज्यों से आए स्वयंसेवक दो महीनों तक लगातार सेवा देते रहेंगे और प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध कराते रहेंगे, जिससे यह पूरी तीर्थयात्रा सफलतापूर्वक संचालित हो पाएगी।

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