भोपाल। मध्य प्रदेश में निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की चार महीने की प्रक्रिया के बाद...
भोपाल। मध्य प्रदेश में निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की चार महीने की प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। इस प्रक्रिया के तहत प्रदेश भर से कुल 34 लाख 25 हजार 78 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।
बड़े स्तर पर छंटनी की गई
मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद प्रदेश में कुल 34.25 लाख मतदाताओं की संख्या कम हुई है। इस कटौती का सबसे ज्यादा असर भोपाल की गोविंदपुरा विधानसभा में देखा गया है, जो मंत्री कृष्णा गौर का क्षेत्र है। कृष्णा गौर के निर्वाचन क्षेत्र से अकेले 97 हजार नाम सूची से हटाए गए हैं।
इंदौर-5 का दबदबा
वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, इंदौर-5 अब राज्य की सबसे बड़ी विधानसभा बन गई है। इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटने से कई विधानसभा क्षेत्रों के राजनीतिक समीकरण और गणित पूरी तरह से बदल गए हैं। प्रशासन के अनुसार, यह प्रक्रिया मतदाता सूची को त्रुटिहीन और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से पूरी की गई है।
यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/world/nuclear-arms-control-agreement-between-america-and-russia-ends/132101