पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने अपने और परिवार को मिली जान से मारने की धमकियों के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
पटना: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन ऊर्फ पप्पू यादव ने नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि उन्हें और उनके परिवार को उनकी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से जान से मारने की धमकियां मिली हैं। अपनी शिकायत में पप्पू यादव ने आरोप लगाया है कि उन्हें गोली मारने की धमकी दी गई है और उनके पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी गई है।
पप्पू यादव ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की
सांसद पप्पू यादव ने मांग की है कि इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और धमकी भेजने वालों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने अपने और अपने परिवार के लिए सुरक्षा बढ़ाने की भी मांग की है। इससे पहले 25 अप्रैल को राजनीति में महिलाओं पर कथित टिप्पणियों को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच जेडीयू नेता रीना चौधरी ने पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उनके बयानों को बेहद अपमानजनक बताया और सार्वजनिक माफी की मांग की।
शास्त्री नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई एफआईआर
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने महिलाओं के प्रति राजनेताओं के रवैये की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था कि 90 प्रतिशत महिलाएं राजनेताओं के कमरे में प्रवेश किए बिना राजनीति नहीं कर सकतीं। रीना चौधरी ने कहा, उन्होंने दो-तीन दिन पहले जो बयान दिया, वह महिलाओं का घोर अपमान था, जिसमें कोई कसर नहीं छोड़ी गई। हमने शास्त्री नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई है और उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और भविष्य में कभी भी ऐसी टिप्पणी न करने की मांग की है। अगर वे ऐसा करते हैं, तो वे संसद में बैठने के लायक नहीं हैं। उनके शब्दों से न सिर्फ एक महिला, बल्कि बिहार से लेकर पूरे भारत की महिलाओं को ठेस पहुंची है।
महिलाओं को देवी का दर्जा दिया जाता है, लेकिन उन्हें सम्मान नहीं मिलता
उन्होंने आगे कहा, हम पप्पू यादव से पूछते हैं कि आपका अपना परिवार राजनीति में रहा है, आपकी मां, आपकी पत्नी लोकसभा और राज्यसभा में सांसद रह चुकी हैं। क्या वे ऐसी टिप्पणियों को स्वीकार करेंगे? फिर आप अन्य महिलाओं का इस तरह से अपमान क्यों करते हैं? इससे पहले, पप्पू यादव ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए दावा किया था कि महिलाओं को देवी का दर्जा तो दिया जाता है, लेकिन उन्हें सम्मान नहीं मिलता। इसके लिए व्यवस्था और समाज जिम्मेदार हैं।
भारत में महिलाओं को देवी कहा जाता है, लेकिन यहां उन्हें कभी सम्मान नहीं मिलेगा। इसके लिए व्यवस्था और समाज दोनों जिम्मेदार हैं। 90 प्रतिशत महिलाएं राजनेताओं के कमरे में जाए बिना राजनीति नहीं कर सकतीं। उन्होंने अपने इन बयानों को बेहद आपत्तिजनक और विवादास्पद बताया। बिहार राज्य महिला आयोग ने राजनेताओं और राजनीति में महिलाओं के बारे में पप्पू यादव द्वारा दिए गए विवादास्पद बयानों का स्वतः संज्ञान लिया, जिससे तीखी प्रतिक्रियाएं हुईं।
(एएनआई)
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