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आरोग्यसेतु ऐप पर डिजिटल होंगे हेल्थ रिकॉर्ड

आरोग्यसेतु ऐप पर मिलेगी मरीजों को जांच रिपोर्ट, डिजिटल हेल्थ विजन से यूपी की स्वास्थ्य सेवाओं को मिल रही रफ्तार

योगी सरकार सरकारी अस्पतालों के मरीजों को आरोग्यसेतु ऐप पर जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। इससे मरीज अपने हेल्थ रिकॉर्ड सुरक्षित रख सकेंगे।

आरोग्यसेतु ऐप पर मिलेगी मरीजों को जांच रिपोर्ट डिजिटल हेल्थ विजन से यूपी की स्वास्थ्य सेवाओं को मिल रही रफ्तार

Patients to get lab test reports on Aarogya Setu app in UP |

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। प्रदेश की योगी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में अब सरकारी अस्पतालों की लैब में टेस्ट कराने वाले मरीजों को उनकी रिपोर्ट मोबाइल के आरोग्यसेतु ऐप पर भेजने की तैयारी चल रही है। इस व्यवस्था के लागू होने से मरीज अपनी लैब रिपोर्ट को इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड के रूप में अपने पास सुरक्षित रख सकेंगे। भविष्य में जरूरत पड़ने पर वे इन रिपोर्ट्स को आसानी से किसी भी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के साथ शेयर भी कर सकेंगे, जिससे इलाज की प्रक्रिया और अधिक सुगम हो जाएगी।

व्हाट्सएप और एसएमएस के जरिए मरीजों को भेजी जा रही हैं रिपोर्ट्स

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की सचिव रितु माहेश्वरी ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के तहत आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश के 900 से अधिक सरकारी अस्पतालों में लैबोरेटरी इंफॉर्मेशन सिस्टम को हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम से जोड़ दिया गया है, जिससे मरीजों को रिपोर्ट के लिए अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं। अब तक करीब 58.07 लाख लैब रिपोर्ट के संदेश व्हाट्सएप पर भेजे गए हैं, जिनमें से 37.66 लाख सीधे व्हाट्सएप पर भेजी गई हैं। इसके साथ ही 46.50 लाख एसएमएस में से 31.40 लाख मरीजों को सफलतापूर्वक लैब रिपोर्ट भेजी जा चुकी हैं।

बार-बार रजिस्ट्रेशन से मिली मुक्ति और डॉक्टरों को मिल रही सहूलियत

एलआईएस और एचएमआईएस के आपस में इंटीग्रेट होने की वजह से अब मरीजों को लैब जांच के वास्ते बार-बार रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं पड़ती है। इस डिजिटल बदलाव से मरीजों के बहुमूल्य समय की भारी बचत हो रही है और उन्हें समय पर उचित उपचार मिल रहा है। जांच परिणाम सीधे एचएमआईएस पोर्टल पर उपलब्ध होने के कारण डॉक्टरों को भी रिपोर्ट का इंतजार नहीं करना पड़ता है और वे तुरंत इलाज आगे बढ़ाते हैं। इस पूरी प्रक्रिया के ऑनलाइन होने से मैनुअल और दोहरी डेटा एंट्री की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो चुकी है।

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