जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा में पिछले कुछ समय से चल रहा भारी हंगामा और गतिरोध आखिरकार पूरी तरह शांत हो गया है।
कोरबा (छत्तीसगढ़)। जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा में पिछले कुछ समय से चल रहा भारी हंगामा और गतिरोध आखिरकार पूरी तरह शांत हो गया है। भ्रष्टाचार और तानाशाही का आरोप लगाते हुए सामान्य सभा का बहिष्कार कर धरने पर बैठे जनपद सदस्यों का आंदोलन प्रशासनिक मध्यस्थता और ठोस आश्वासन के बाद समाप्त हो गया है। इससे पहले, एसडीएम की समझाइश पर जनपद कार्यालय का ताला खोल दिया गया था और अब सदस्यों ने अपना धरना प्रदर्शन भी पूरी तरह खत्म कर दिया है।
विवाद की मुख्य वजह- जानकारी छुपाने का आरोप
यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब जनपद पंचायत की सामान्य सभा की बैठक बुलाई गई थी। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सदस्य ने बताया कि बैठक के दौरान सदस्यों ने क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी थीं। आरोप है कि जनपद सीईओ (CEO) द्वारा नियमानुसार सही जानकारी देने से साफ मना कर दिया गया। अधिकारियों के इसी अड़ियल रवैये के विरोध में सभी सदस्यों ने एकजुट होकर सामान्य सभा का बहिष्कार किया और दफ़्तर के मुख्य गेट पर ताला जड़कर धरने पर बैठ गए।
एसडीएम की पहल पर खुला ताला, कर्मचारियों ने ली राहत की सांस
तालाबंदी के कारण दफ्तर के अंदर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी कई घंटों तक भीतर ही बंधक बनकर रह गए थे और प्रशासनिक कामकाज ठप हो गया था। सूचना मिलते ही कलेक्टर के निर्देश पर पोड़ी उपरोड़ा एसडीएम (SDM) मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित सदस्यों को समझाया, जिसके बाद कार्यालय का ताला खोला गया और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। इस दौरान प्रदर्शनकारी सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर एसडीएम को एक ज्ञापन भी सौंपा।
विधिवत जानकारी देने का मिला भरोसा, 15 दिनों का अल्टीमेटम
एसडीएम ने सदस्यों को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा मांगी गई सभी विषयों की संपूर्ण जानकारियां नियमानुसार और विधिवत उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रशासन के इस आधिकारिक आश्वासन के बाद जनपद सदस्यों ने अपना धरना समाप्त करने का निर्णय लिया। हालांकि, आंदोलन समाप्त करने के साथ ही सदस्यों ने प्रशासन को सचेत करते हुए 15 दिनों का समय दिया है।
एसडीएम के आश्वासन पर समाप्त हुआ धरना
सदस्यों का कहना है कि एसडीएम साहब के आश्वासन पर फिलहाल धरना समाप्त कर दिया गया है। अगर अगले 15 दिनों के भीतर हमें निर्माण कार्यों की पूरी जानकारी विधिवत नहीं दी जाती है, तो हम 15 दिन बाद फिर से उग्र रुख अपनाएंगे और इस बार सीधे सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे। धरना समाप्त होने के बाद जनपद पंचायत क्षेत्र में फिलहाल स्थिति सामान्य है और कामकाज दोबारा सुचारू रूप से शुरू हो गया है।
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