दिल्ली पुलिस ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के संबंध में बाराखंबा रोड और तिलक मार्ग पुलिस थानों में कई एफआईआर दर्ज की हैं।
नई दिल्ली [भारत]: दिल्ली पुलिस ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के संबंध में बाराखंबा रोड और तिलक मार्ग पुलिस थानों में कई एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस के अनुसार, ये एफआईआर विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर बैरिकेड तोड़ने और सड़कों पर ग्रैफिटी बनाने से संबंधित हैं।
राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष ने किया मार्च
सोमवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के नेताओं और समर्थकों ने बाराखंबा रोड से होते हुए सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया। इसके बाद 11 विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित चुनाव आयोग के फैसलों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। विपक्षी नेताओं ने एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं और चुनाव आयोग के फैसलों की न्यायिक समीक्षा की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने याचिका में बताईं 14 खामियां
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और इंडिया ब्लॉक के नौ अन्य नेताओं की ओर से दायर याचिका में 14 खामियां चिह्नित की हैं। इस याचिका में भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत, सीपीआई (एम) के सांसद एमए बेबी, सीपीआई नेता डी राजा, झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ मांझी, एनसीपी (एससीपी) की सांसद सुप्रिया सुले और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के सांसद ईटी मोहम्मद बशीर शामिल हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त समेत तीन अधिकारियों को पक्षकार बनाने पर सवाल
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने याचिकाकर्ताओं से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त एसएस संधू तथा विवेक जोशी को रिट याचिका में प्रतिवादी क्यों बनाया है। यह आपत्ति संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका के संबंध में उठाई गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे एसआईआर प्रक्रिया के दौरान चुनाव आयोग की शक्तियों के कथित दुरुपयोग और अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। उन्होंने मतदाता सूची में संशोधन से संबंधित फैसलों को लेने और लागू करने की प्रक्रिया की जांच सहित अन्य राहतों की मांग की है।
राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों को चाय पर बुलाया
इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को अपने आवास पर विपक्षी सांसदों को चाय पर आमंत्रित किया है। यह निमंत्रण एसआईआर में कथित अनियमितताओं के विरोध में विपक्षी नेताओं के सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करने के एक दिन बाद दिया गया है। इससे पहले राहुल गांधी ने विरोध मार्च में शामिल विपक्षी नेताओं का समर्थन के लिए आभार जताया था और आंदोलन जारी रखने की बात कही थी।
राहुल गांधी बोले- पीछे नहीं हटेंगे
विरोध मार्च के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष सरकार को यह संदेश देना चाहता है कि देश की जनता डरने वाली नहीं है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को डराने और धमकाने के प्रयासों का विरोध करते हुए कहा कि सभी विपक्षी नेता एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा, “हमें सरकार को यह दिखाना था कि भारत की जनता डरने वाली नहीं है। आप हमें पीट नहीं सकते, धमका नहीं सकते, डरा नहीं सकते। हम दादागिरी बर्दाश्त नहीं करेंगे।” उन्होंने आगे कहा, “जैसा कि मैंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, कोई समानांतर विरोध प्रदर्शन नहीं हैं। यह एक ही विरोध प्रदर्शन है, और यह ऐसा विरोध प्रदर्शन है जिसमें हर कोई एक साथ खड़ा है। हर एक व्यक्ति हमारे संविधान के इन हत्यारों, हमारे लोकतंत्र के इन हत्यारों के खिलाफ खड़ा होगा। और हम पीछे नहीं हटेंगे।”
(एएनआई)
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