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दो साल में बदहाल हुई 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क'

बाराबंकी में दो साल में बदहाल हुई 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क', गड्ढों और झाड़ियों से बढ़ी परेशानी

बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में गणेशपुर मोड़ से नारायनपुर तक बनी करीब 5.45 किलोमीटर सड़क की हालत निर्माण के कुछ समय बाद ही खराब होने का आरोप है।

बाराबंकी में दो साल में बदहाल हुई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क गड्ढों और झाड़ियों से बढ़ी परेशानी

दो साल में बदहाल हुई 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क' |

बाराबंकी: तहसील रामनगर क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गणेशपुर मोड़ से बड़नपुर होते हुए नारायनपुर तक बनाए गए डामर सड़क मार्ग की हालत महज दो साल में ही खराब होने लगी है। गुरुवार को सड़क की जमीनी स्थिति सामने आई तो कई स्थानों पर डामर उखड़ा मिला और सड़क पर जगह-जगह गड्ढे दिखाई दिए। सड़क के दोनों किनारों पर समुचित पटरियां नहीं बनाए जाने, झाड़ियों और जंगल जैसी स्थिति होने से आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनी सड़क

करीब 5.45 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत कराया गया था। उपलब्ध योजना विवरण के अनुसार सड़क निर्माण कार्य 21 सितंबर 2022 से शुरू हुआ था। निर्माण के साथ पांच साल के अनुरक्षण की व्यवस्था भी की गई है। मार्ग के अनुरक्षण की अवधि 30 दिसंबर 2023 से 29 दिसंबर 2028 तक निर्धारित है। इसके लिए 37.63 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। अनुरक्षण की जिम्मेदारी मैसर्स राहत अली, आदमपुर, जरवल रोड, बहराइच को दी गई है।

झाड़ियों और जलभराव से ग्रामीण परेशान

योजना के अनुरक्षण प्रावधानों में वर्षा के बाद झाड़ियों की कटाई, रेन कट्स की मरम्मत, सड़क की पटरियों का रखरखाव, डामर सतह पर बने गड्ढों एवं दरारों की भराई, नालियों का रखरखाव और पुलियों की देखरेख जैसे कार्य शामिल हैं, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर इन कार्यों का समुचित पालन नहीं हो रहा है। सड़क के दोनों तरफ कई स्थानों पर पटरियां बदहाल हैं और झाड़ियां सड़क तक पहुंच रही हैं। बारिश होने के बाद सड़क के किनारे पानी जमा होने से डामर की परत कमजोर होकर उखड़ रही है। 

सड़क पर गड्ढों से आवागमन प्रभावित

जगह-जगह गड्ढे होने से बाइक और चारपहिया वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। करोड़ों रुपए की लागत से सड़क तो बना दी गई, लेकिन पटरिया आज तक नहीं बनाई गईं। बड़ा भ्रष्टाचार इस प्रधानमंत्री सड़क में हुआ है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराने और अनुरक्षण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग की है। 

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