कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उत्तराखंड, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत आगामी चुनाव बैलेट पेपर से कराने की चुनौती दी।
प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) [भारत]: कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उत्तराखंड, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत आगामी चुनाव बैलेट पेपर से कराने की चुनौती दी। प्रधानमंत्री ने चार राज्यों में बैलेट पेपर से हुए विधान परिषद चुनावों के नतीजों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोशल मीडिया पोस्ट का जवाब देते हुए प्रमोद तिवारी ने एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की टिप्पणियां उनकी बेचैनी दिखाती हैं। तिवारी ने उनसे आगामी चुनाव बैलेट पेपर से कराने की घोषणा करने को कहा। तिवारी ने कहा, "आप शायद पहले प्रधानमंत्री हैं जो MLC के सीमित चुनावों पर बोल रहे हैं। हम आपकी परेशानी और बेचैनी समझ सकते हैं। यहां तो बैलेट पेपर से चुनाव हुए थे, है ना? आप कहते हैं कि अगर बैलेट पेपर से चुनाव होते भी, तो कांग्रेस जीत नहीं पाती... उत्तराखंड, पंजाब और उत्तर प्रदेश के आने वाले चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाने चाहिए... आज ही ऐलान कर दें कि लोकसभा और इन राज्यों के अगले चुनाव बैलेट पेपर से होंगे।"
सुप्रिया श्रीनेत ने EVM की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर से हुए चुनावों का जिक्र करने से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की विश्वसनीयता को लेकर बहस शुरू हो गई है। श्रीनेत ने ANI से कहा, "दो बातें हैं। PM मोदी ने माना है कि बैलेट पेपर से हुए चुनाव भरोसेमंद होते हैं, जबकि EVM को लेकर लोगों में शक है। प्रधानमंत्री होने के नाते, यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप इस शक को दूर करें और बैलेट पेपर से चुनाव कराएं। दूसरा, BJP वाराणसी में क्यों हारी? अगर लोकसभा चुनाव बैलेट पेपर से होते, तो आप वाराणसी पूरी तरह हार सकते थे... यह मानकर कि बैलेट पेपर ज्यादा भरोसेमंद हैं, प्रधानमंत्री मोदी असल में यह मान रहे हैं कि EVM में कोई दिक्कत है... बताएं कि जब बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ तो आप वाराणसी कैसे हार गए।"
सपा नेता उदयवीर सिंह ने भी साधा निशाना
समाजवादी पार्टी के नेता उदयवीर सिंह ने भी प्रधानमंत्री की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को अपने लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के चुनावी नतीजों पर विचार करना चाहिए। सिंह ने ANI से कहा, "PM मोदी को खुद इस बारे में सोचना चाहिए कि उनके अपने लोकसभा इलाके में क्या हुआ... वे हमेशा दूसरों में कमियां ढूंढने में लगे रहते हैं... BJP ऐसे दोहरे मापदंडों के लिए बदनाम है, और उनके नेता, यहां तक कि सबसे बड़े नेता भी, इस मामले में लगातार एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश करते हैं।"
MLC चुनाव के नतीजों के बाद शुरू हुआ विवाद
यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की चारों सीटों पर जीत के बाद कांग्रेस पर तंज कसा था। X पर अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में हुए विधान परिषद चुनावों का उल्लेख किया, जिनमें बैलेट पेपर से मतदान हुआ था। उन्होंने लिखा, "4 बड़े राज्यों – उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की 28 सीटों पर MLC चुनाव। बैलेट पेपर से चुनाव हुए। अंदाजा लगाइए कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं?" प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी विधान परिषद चुनावों में BJP और उसके सहयोगियों के प्रदर्शन के बीच आई। कर्नाटक में NDA ने चारों सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को इन नतीजों से झटका लगा।
प्रफुल्ल पटेल ने कांग्रेस को आत्ममंथन की सलाह दी
इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के सांसद प्रफुल्ल पटेल ने विधान परिषद चुनावों के नतीजों को कांग्रेस और उसके सहयोगियों के लिए आत्ममंथन का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि पार्टियों को जनता का भरोसा दोबारा हासिल करने और अपने संगठन को मजबूत बनाने की जरूरत है। X पर एक पोस्ट में पटेल ने लिखा, "विधान परिषद का आज का फैसला एक साफ और जरूरी संकेत है। लोगों का भरोसा फिर से बनाने, पार्टी के लिए नई प्राथमिकताएं तय करने और संगठन को बेहतर बनाने के लिए, तुरंत और सख्ती से आत्मनिरीक्षण करना होगा।" उन्होंने आगे कहा, "आज के विधान परिषद चुनाव के नतीजे एक पक्के वेक-अप कॉल की तरह हैं। भरोसा फिर से बनाने, अपनी प्राथमिकताओं को फिर से तय करने और अपने संगठनात्मक ढांचे को ठीक करने के लिए तुरंत खुद पर सोचने का समय आ गया है।"
(ANI)
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