पुणे के पास लोहगढ़ किले से एक व्यक्ति की गिरकर हुई मौत मामले में खुलासा हुआ कि व्यक्ति की मौत गिरकर नहीं हुई थी बल्कि धक्का देकर उसे गिराया गया था।
पुणे (महाराष्ट्र)। पुणे के पास लोहगढ़ किले से एक व्यक्ति की गिरकर हुई मौत मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि व्यक्ति की मौत गिरकर नहीं हुई थी बल्कि धक्का देकर उसे गिराया गया था। लोनावला ग्रामीण पुलिस ने इस मामले में एक महिला और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है।
अनुभवी ट्रेकर की मौत पर परिजनों को हुआ शक
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिया गोयल और चेतन चौधरी के रूप में हुई है। एसपी संदीप सिंह गिल ने बताया कि दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि सिया गोयल और केतन अग्रवाल की सगाई हो चुकी थी और वे 18 जून को लोहगढ़ किला घूमने गए थे। उन्होंने कहा, "सिया गोयल ने फोन कर बताया था कि केतन अग्रवाल किले से फिसलकर गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई। बाद में पूछताछ और रिश्तेदारों व दोस्तों से मिली जानकारी से शक पैदा हुआ। ऐसा हादसा अचानक होना मुमकिन नहीं लग रहा था, खासकर इसलिए क्योंकि केतन एक अनुभवी ट्रेकर थे। परिवार ने शक जताया और इन्हीं शक के आधार पर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।"
गुप्त सूत्रों और तकनीकी सबूतों ने खोली पोल
पुलिस अधिकारी ने बताया कि गुप्त सूत्रों, गवाहों के बयानों और तकनीकी सबूतों से पता चला कि सिया गोयल का चेतन चौधरी नाम का एक दोस्त था। उन्होंने कहा, "दोनों एक-दूसरे को करीब एक साल से जानते थे। उन्होंने इस योजना को अंजाम देने की साजिश रची। लोहगढ़ किले पर उन्होंने केतन अग्रवाल को धक्का दे दिया, जिससे गिरकर उनकी मौत हो गई। इसके बाद लोनावला ग्रामीण पुलिस थाने में उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। फिलहाल आगे की जांच चल रही है।"
पीड़ित पिता का छलका दर्द
केतन विशाल अग्रवाल के पिता ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि अगर सिया गोयल उनके बेटे से शादी नहीं करना चाहती थीं, तो वह बस मना कर सकती थीं। वे तुरंत शादी रद्द कर देते। उन्होंने इस क्रूर सोच, परवरिश और अपने 26 वर्षीय बेटे को खोने पर दुख जताया। उन्होंने बताया कि सिया गोयल और केतन अग्रवाल की सगाई फरवरी में हुई थी और विदेश यात्रा की योजना भी बनी थी।
बाली ट्रिप से पहले चोरी हुआ था पासपोर्ट
उन्होंने आगे कहा कि, "वे 6 तारीख को बाली जा रहे थे, चार लोग एक साथ बाली की यात्रा कर रहे थे, लेकिन सिर्फ केतन का पासपोर्ट चोरी हो गया। इस वजह से वह जा नहीं सका और उसे एयरपोर्ट से ही लौटना पड़ा। चेतन चौधरी दोपहिया वाहन से लोहागढ़ किले पर पहुंचा। वे दोनों (चेतन चौधरी और सिया गोयल) एक साथ ऊपर गए, केतन विशाल अग्रवाल पर किसी चीज़ से हमला किया और उसे ऊपर से नीचे फेंक दिया।"
मृतक की मां ने गुनहगारों के लिए मांगी मौत की सजा
केतन अग्रवाल की माँ ने कहा, "मेरा बेटा अब नहीं रहा। सिया और उसका बॉयफ़्रेंड इसके लिए पूरी तरह ज़िम्मेदार हैं। उसने (सिया ने) मुझे धोखा दिया और झूठ बोला। कुछ भी संदिग्ध नहीं था। हमें ज़रा भी शक नहीं हुआ। मैं उससे कई बार मिली, और हम अक्सर शॉपिंग और डिनर के लिए साथ जाते थे, फिर भी हमने कभी नहीं सोचा कि वह इस तरह की इंसान हो सकती है। मैं इस घटना में शामिल लोगों के लिए मौत की सज़ा की माँग करती हूँ।" (Source: ANI)
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