मानसा जिले में नशा विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में कई किसान और मजदूर संगठनों की ओर से बुलाए गए पंजाब बंद के मद्देनजर गुरुवार को अमृतसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
Punjab Shutdown: Protests Over Anti-Drug Activist’s Murder, Heavy Police Deployment in Amritsar |
अमृतसर: मानसा जिले में नशा विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में कई किसान और मजदूर संगठनों की ओर से बुलाए गए पंजाब बंद के मद्देनजर गुरुवार को अमृतसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने बताया कि बंद के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। बात करते हुए नगर पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) जसकरण सिंह तेजा ने कहा कि पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने या दुकानदारों और व्यापारियों को बंद में शामिल होने के लिए मजबूर करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। डीसीपी तेजा ने कहा, "हमने पर्याप्त बल तैनात किया है। स्थिति शांतिपूर्ण है। पर्याप्त बल तैनात किया गया है। हम किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेने देंगे। सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से होगा। अगर कोई अपनी मर्जी से दुकान बंद करता है, तो वह ऐसा कर सकता है। किसी को भी ऐसा करने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।" उन्होंने कहा कि मानसा में कार्यकर्ता की हत्या के विरोध में बंद का आह्वान किया गया है। पुलिसकर्मियों को यह सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया गया है कि किसी को दुकानें बंद करने या सामान्य गतिविधियों में बाधा डालने के लिए मजबूर न किया जाए। तेजा ने कहा, "जो लोग अपनी मर्जी से दुकान बंद करना चाहते हैं या कोई बाजार है, वे ऐसा कर सकेंगे। बाकी सब पहले की तरह चलता रहेगा। हमने जरूरत के हिसाब से पुलिस बल तैनात किया है।"
बठिंडा-मानसा सड़क पर प्रदर्शन, यातायात प्रभावित
पंजाब बंद के आह्वान के बीच स्थानीय लोगों ने भैनी बाघा गांव के पास बठिंडा-मानसा सड़क को अवरुद्ध कर दिया। किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के एक नेता ने बताया कि किसान मजदूर संघर्ष समिति पंजाब सहित विभिन्न किसान और मजदूर संगठनों ने संयुक्त रूप से राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। नेता ने कहा, "आज पंजाब बंद का आह्वान किया गया है। केएमएम और किसान मजदूर संघर्ष समिति पंजाब के सभी संगठनों ने मिलकर पंजाबियों से पंजाब बंद का आह्वान किया है।" उन्होंने दावा किया कि सड़कों पर यातायात काफी कम था और अधिकांश दुकानें तथा व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
पंजाब सरकार पर नशे के कारोबार को रोकने में विफल रहने का आरोप
किसान-मजदूर संगठनों के नेता ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के खिलाफ आगे भी विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार नशीली दवाओं से जुड़ी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में विफल रही है। नेता ने कहा, "इस बंद को और अधिक सफल बनाने के लिए, हम भगवंत मान सरकार की राख को जला देंगे। विभिन्न स्थानों पर उनका नशा परीक्षण करके, हम उनके सामने सच्चाई उजागर करेंगे।" राज्य सरकार की नशे के खिलाफ शून्य सहिष्णुता नीति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, "भगवंत मान जी राज्य को बता रहे हैं कि हमारी नशीली दवाओं के प्रति शून्य सहिष्णुता है। यह राज्य के साथ झूठ है। पंजाब में भगवंत मान सरकार के शासनकाल में सबसे अधिक नशीली दवाओं की बिक्री हो रही है।"
झोटा हत्याकांड को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल
नेता ने परमिंदर सिंह झोटा की हत्या को व्यक्तिगत दुश्मनी का नतीजा बताए जाने संबंधी दावे की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि झोटा जनता से जुड़े मुद्दों के लिए संघर्ष कर रहे थे और उनकी हत्या के पीछे ड्रग माफिया का हाथ था। उन्होंने कहा, "यह कहना कि यह व्यक्तिगत दुश्मनी थी, पंजाब की शांति के लिए अच्छा संकेत नहीं है। कोई दुश्मनी नहीं थी। जनता के मुद्दों के लिए संघर्ष करने वाले पलविंदर सिंह की हत्या ड्रग माफिया ने की।" नेता ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के इस्तीफे की मांग करते हुए राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "हम कहते हैं कि माननीय मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। डीजीपी को भी इस्तीफा देना चाहिए। क्योंकि कानून-व्यवस्था ठीक नहीं है और इसका मतलब है कि पंजाब में नरसंहार हो रहे हैं।"
आपातकालीन सेवाएं जारी रखने की अपील
बंद के दौरान किसान-मजदूर संगठनों ने लोगों से मरीजों, शादी समारोहों में शामिल होने वाले लोगों और आपात स्थिति का सामना कर रहे यात्रियों को परेशान न करने की अपील की। नेता ने कहा, "हम युवाओं और पंजाबियों से अपील करेंगे कि वे इस बंद के दौरान मरीजों को जाने दें और आपातकालीन सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करें। अगर कोई दूल्हा आता है, तो यह बारात है; उसे जाने दिया जाना चाहिए। अगर कोई यात्री हवाई अड्डे से आता है और उसे कोई आपातकालीन स्थिति है, तो उसे जाने दिया जाना चाहिए। आपातकालीन सेवाएं सुचारू रूप से चलनी चाहिए; लोगों की जान बचाई जानी चाहिए।"
मंगलवार को गोली मारकर की गई थी झोटा की हत्या
यह बंद मानसा जिले के नशा विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद बुलाया गया है। उन्हें मंगलवार को कथित तौर पर एक मेडिकल दुकान के मालिक ने गोली मार दी थी। गोली लगने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई। झोटा के पिता भीम सिंह ने हमले को रोकने में राज्य प्रशासन की विफलता पर सवाल उठाए और मुख्यमंत्री तथा डीजीपी से जवाबदेही की मांग की। उन्होंने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की भी मांग की। भीम सिंह ने कहा, "मुख्यमंत्री और डीजीपी, अगर उनकी अंतरात्मा जागती है, तो उन्हें स्वयं इस्तीफा दे देना चाहिए। इसके अलावा, इस हत्या की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जानी चाहिए। तीसरा, कल, 15 अक्टूबर को 'पंजाब बंद' का आह्वान किया गया है। समिति की ओर से, साथ ही सभी संयुक्त मंचों, कार्यकर्ताओं, राजनीतिक दलों और संगठनों की ओर से, हम पंजाब की जनता से कल सुबह से शुरू होने वाले इस बंद का पालन करने की अपील करते हैं।"
राजस्थान से कथित मुख्य शूटर गिरफ्तार
इससे पहले, अधिकारियों ने बताया कि पंजाब पुलिस ने राजस्थान पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में बुधवार को राजस्थान के सालासर से कथित मुख्य शूटर को गिरफ्तार किया। सालासर थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) शंकर लाल भारी के अनुसार, आरोपी को सालासर बालाजी मंदिर के पास स्थित श्री गंगानगर धर्मशाला से गिरफ्तार किया गया। बताया गया कि वह वहां कथित तौर पर भेष बदलकर छिपा हुआ था। पंजाब पुलिस की टीम ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
(एएनआई)
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