Delhi : दिल्ली विधानसभा परिसर में बंदरों के उत्पात को देखते हुए सरकार ने बंदर भगाने के लिए लोगों की भर्ती करने का निर्णय लिया है।
Delhi : दिल्ली विधानसभा परिसर में बंदरों के उत्पात को देखते हुए सरकार ने बंदर भगाने के लिए लोगों की भर्ती करने का निर्णय लिया है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने लंगूरों की आवाज निकालने वाले लोगों की हायरिंग के लिए टेंडर भी निकाला है।
दिल्ली विधानसभा परिसर में बंदरों के बार-बार प्रवेश और उत्पात की समस्या से निपटने के लिए विधानसभा प्रशासन ने एक नई योजना तैयार की है। इस योजना के अंतर्गत बंदरों को भगाने के लिए लंगूर की आवाज की नकल करने वाले लोगों को तैनात करने का फैसला लिया गया है।
दिल्ली विधानसभा परिसर के आसपास बड़ी संख्या में बंदर मौजूद हैं, जो कर्मचारियों और अन्य लोगों की परेशानी का कारण बने हुए हैं। बंदर तारों और डिश एंटीना पर कूदते हैं और उन्हें तोड़ देते हैं। इनसे विधायकों, कर्मचारियों और आने वाले लोगों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है। वर्ष 2017 में एक बंदर सदन में घुस गया था और सरकारी स्कूलों में अतिथि शिक्षकों पर चल रही चर्चा को बाधित कर दिया था।
अधिकारियों ने बताया कि विधानसभा परिसर में बंदरों के बार-बार घुसने की घटनाओं के मद्देनजर बंदर भगाने वालों की भर्ती का निर्णय लिया गया है। अधिकारी ने आगे बताया कि तैनात कर्मियों के लिए प्रदर्शन-आधारित निगरानी और बीमा कवरेज की व्यवस्था होगी।
लंगूर के पुतले लगाने की भी योजना थी, लेकिन..
अधिकारी ने बताया कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने लंगूर की आवाज की नकल करने में सक्षम प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती के लिए टेंडर जारी किया है। यह बंदरों को बिना नुकसान पहुंचाए डराने का एक प्रभावी और मानवीय तरीका माना जाता है। विशेषज्ञ बंदरों को डराने के लिए एक लंगूर भी लाएंगे।
अधिकारी ने बताया कि लंगूर के पुतले लगाने की भी योजना थी, लेकिन हमने देखा है कि बंदर अब उनसे डरते नहीं हैं। बल्कि वे उन पुतलों के ऊपर बैठ जाते हैं।अधिकारी ने बताया कि उनके पास लंगूर की नकल करने वाले लोग थे, लेकिन उनका कांट्रेक्ट खत्म हो गया है। लंगूरों की आवाजों की नकल करने में सक्षम प्रशिक्षित लोगों को नियुक्त करने के लिए एक नया टेंडर जारी किया गया है।
याद रहे कि 2023 में जी-20 समिट के दौरान राजधानी के कई संवेदनशील इलाकों जैसे IGI एयरपोर्ट से आने वाले रास्ते, समिट स्थल, होटल और प्रमुख सड़कों पर लंगूरों के कटआउट्स लगाए गए थे। लुटियंस जोन में भी ऐसे पुतले लगाए गए थे, जहां राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री आवास स्थित हैं। समिट के दौरान बंदर भगाने वाले कर्मियों को सरकार की ओर से विशेष ड्यूटी पास दिए गए थे, जिन पर उनका पद ‘मंकी मैन’ लिखा था।
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