कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक वीडियो साझा किया है। इसके बाद इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई मौतों और प्रशासनिक दावों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इंदौर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक वीडियो साझा किया है। इसके बाद इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई मौतों और प्रशासनिक दावों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो में राहुल गांधी से बातचीत करते हुए स्थानीय निवासी दावा कर रहे हैं कि बीमारी फैलने और मौतों का सिलसिला मीडिया में मामला आने से पहले ही शुरू हो गया था।
समस्या लंबे समय से है, पर किसी ने कार्रवाई नहीं की
क्षेत्र के लोगों ने कहा, 29 जनवरी को बीमारी की खबर मीडिया की सुर्खियों में आई। उससे पहले ही कई लोग बीमार पड़ चुके थे और कुछ की मौत भी हो चुकी थी। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि दूषित पेयजल की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। समय रहते प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
मौत का आकड़ा छुपाने का आरोप
कांग्रेस ने मुद्दे को लेकर प्रशासन पर मौतों के आंकड़े छिपाने और सही डेटा सार्वजनिक न करने का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं ने कहा, यदि समय पर पानी की जांच और आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया जाता, तो कई जानें बचाई जा सकती थीं।
रिपोर्ट की पारदर्शिता पर सावाल
प्रशासन की ओर से पहले यह दावा किया गया था कि सभी आवश्यक कदम समय पर उठाए गए और स्थिति नियंत्रण में है। हालांकि राहुल गांधी के वीडियो के सामने आने के बाद अब प्रशासन के डेटा ऑडिट और स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्टों की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ है और प्रभावित क्षेत्र के लोग निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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