मुरैना के पोरसा में कोचिंग सेंटरों के बाहर असामाजिक तत्वों के जमावड़े से छात्राओं और स्थानीय लोगों में असुरक्षा का माहौल है, जिस पर कार्रवाई की मांग की गई है।
मुरैना,(मध्य प्रदेश)। पोरसा के रिहायशी क्षेत्रों सब्जी मंडी रोड, आरएवीएस स्कूल वाली गली, फ्रूट मंडी, शिक्षक कॉलोनी, हर्ष मेडिकल वाली गली तथा गांधी नगर मोहल्ले में संचालित कई कोचिंग सेंटरों के बाहर असामाजिक तत्वों के जमावड़े से छात्राओं, स्थानीय रहवासियों और शिक्षकों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
समस्या जस की तस बनी हुई है
स्थानीय लोगों के अनुसार, कोचिंग सेंटरों के बाहर दिनभर युवकों का समूह खड़ा रहता है। कई युवक एक ही बाइक पर तीन-चार की संख्या में तेज रफ्तार से निकलते हैं, जिससे छात्राओं, महिलाओं और राहगीरों को असुविधा के साथ-साथ असुरक्षा का भी एहसास होता है। उनका कहना है कि इस संबंध में प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
कुछ कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं
रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। अलग-अलग बैचों का सुव्यवस्थित संचालन नहीं किया जाता तथा कई छात्रों को पहचान पत्र (आई-कार्ड) भी उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, जिससे बाहरी लोगों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
सभी कोचिंग सेंटरों की नियमानुसार जांच की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में संचालित सभी कोचिंग सेंटरों की नियमानुसार जांच कराई जाए, आवश्यक मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा कोचिंग सेंटरों के बाहर असामाजिक तत्वों के जमावड़े पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो और मोहल्ले का वातावरण शांत एवं सुरक्षित बना रहे।
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