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झारखंड और ओडिशा के अवकाश प्राप्त जज और .,.

झारखंड और ओडिशा के अवकाश प्राप्त जज और न्यायिक अधिकारी एसआईआर में होंगे नियुक्त

कोलकाता। कलकत्ता हाईकोर्ट पश्चिम बंगाल में एसआईआर के तहत साठ लाख वोटरों के कागजातों की जांच का कार्य शीघ्र पूरा करने...

झारखंड और ओडिशा के अवकाश प्राप्त जज और न्यायिक अधिकारी एसआईआर में होंगे नियुक्त

झारखंड और ओडिशा के अवकाश प्राप्त जज और न्यायिक अधिकारी एसआईआर में होंगे नियुक्त |

कोलकाता। कलकत्ता हाईकोर्ट पश्चिम बंगाल में एसआईआर के तहत साठ लाख वोटरों के कागजातों की जांच का कार्य शीघ्र पूरा करने बाबत झारखंड और ओडिशा के अवकाशप्राप्त न्यायाधीशों और न्यायिक अधिकारियों को नियुक्त करेगा। सूत्रों के अनुसार, कलकत्ता हाई कोर्ट ने भाषा की समस्या पर गौर करते हुए झारखंड और ओडिशा के अवकाशप्राप्त न्यायाधीशों और न्यायिक अधिकारियों को नियुक्त करने का फैसला किया।

चुनाव आयोग ने दूसरे राज्यों के सरकारी अधिकारियों को वोटरों के कागजातों की जांच के लिए रौल या माइक्रों  आबजर्बर के रूप मे नियुक्त किया था तो उन्हें बांग्ला की जानकारी नहीं होने से समस्या खडी हो गई थी और एसआईआर संबंधी मामले की सुनवाई के वक्त सुप्रीम कोर्ट में भी इस समस्या का जिक्र हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने बांग्ला जानने वाले अधिकारियों से कार्य कराने का निर्देश दिया था। कलकत्ता हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्दैश पर गौर किया है। झारखंड और ओडिशा के न्यायाधीशों और न्यायिक अधिकारियों के लिए बांग्ला की समस्या नहीं है। 

सूत्रों के अनुसार, 14 फरवरी तक अनमैप्ड और लाजिकल डिसक्रिपेंसी के तहत वोटरों की सुनवाई और उनके कागजातों की जांच का कार्य किया गया, लेकिन उस तक तकरीबन 60 लाख ऐसे वोटर रह गए जिनकी सुनावाई न हो पाई और ना ही उनके कागजातों की जांच हो पाई। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार  कलकत्ता हाई कोर्ट के नेतृत्व जजों और न्यायिक अधिकारियों द्वारा बचे कार्य को पूरा करना है। कलकत्ता हाई कोर्ट की ओर से नियुक्त पश्चिम बंगाल के जजो और न्यायिक अधिकारियों की इतनी संख्या नही हैं कि बचे कार्य पूरे किए जा सके। चुनाव आयोग ने भी जजो और न्यायिक अधिकारियों की कमी की ओर कोर्ट का ध्यान दिलाया है। इस पर कोर्ट ने झारखंड और ओडिशा से अवकाशप्राप्त जजों और न्यायिक अधिकारियों को नियुक्त करने का फैसला किया है।

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