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मथुरा में बाइक सवारों का ‘मौत का सफर

मथुरा की सड़कों पर ‘मौत का सफर’! ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते बाइक सवार

शहर की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ती तस्वीरें किसी बड़े हादसे का इंतजार करती नजर आ रही हैं।

मथुरा की सड़कों पर ‘मौत का सफर’ ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते बाइक सवार

‘Ride to Death’ in Mathura as Bikers Flout Traffic Rules |

मथुरा {उत्तर प्रदेश}। शहर की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ती तस्वीरें किसी बड़े हादसे का इंतजार करती नजर आ रही हैं। मथुरा बाईपास पर एक मोटरसाइकिल पर चालक समेत पांच लोग सवार होकर सफर करते दिखाई दिए। बाइक पर एक साथ इतने लोगों का बैठना न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की जिंदगी के लिए भी गंभीर खतरा है।

तेज रफ्तार वाहनों के बीच पांच लोगों का सफर

हैरानी की बात यह है कि बाइक सवारों को न अपनी जान की चिंता दिखाई दी और न ही सड़क पर चल रहे दूसरे वाहन चालकों की सुरक्षा की। तेज रफ्तार वाहनों के बीच एक बाइक पर पांच लोगों का सफर किसी भी वक्त गंभीर हादसे का कारण बन सकता है। जरा सी चूक पूरे परिवार या किसी राहगीर के लिए जिंदगी भर का दर्द बन सकती है।

नियमों का डर नहीं या कार्रवाई का असर नहीं?

मथुरा में ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। पुलिस की ओर से हेलमेट पहनने, तीन सवारी न बैठाने, सीट बेल्ट लगाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील भी की जाती है। इसके बावजूद सड़क पर नियम तोड़ने वालों की तस्वीरें सामने आना सवाल खड़े करता है कि आखिर इन अभियानों का असर जमीन पर कितना पहुंच रहा है?

जागरूकता के साथ सख्ती भी जरूरी

सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। वाहन चलाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अपनी और दूसरों की जिंदगी की कीमत समझनी होगी। एक बाइक पर पांच लोगों का बैठना कोई रोमांच नहीं, बल्कि हादसे को न्योता है। ऐसे मामलों में लगातार जागरूकता के साथ-साथ प्रभावी कार्रवाई भी जरूरी है, ताकि लोगों में नियमों के प्रति जिम्मेदारी और कानून का भय दोनों पैदा हो।

सवाल यही—हादसे के बाद जागेंगे या हादसा होने से पहले?

सड़क पर निकलते समय कुछ सेकंड की लापरवाही जिंदगी भर का दर्द दे सकती है। मथुरा की सड़कों पर दिखाई दे रही ऐसी तस्वीरें प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी चेतावनी हैं। यातायात नियम किताबों में लिखे निर्देश नहीं, बल्कि जिंदगी बचाने के नियम हैं।

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