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नीतियों के खिलाफ राजद का हल्लाबोल

औरंगाबाद में राजद का धरना, महंगाई-बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर साधा निशाना

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के आह्वान पर मंगलवार को जिले के सभी प्रखंड कार्यालय परिसर में एकदिवसीय राज्यव्यापी धरना कार्यक्रम आयोजित किया गया।

औरंगाबाद में राजद का धरना महंगाई-बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर साधा निशाना

RJD Holds Statewide Protest Over Inflation, Unemployment and Law & Order |

औरंगाबाद (बिहार)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के आह्वान पर मंगलवार को जिले के सभी प्रखंड कार्यालय परिसर में एकदिवसीय राज्यव्यापी धरना कार्यक्रम आयोजित किया गया। धरना कार्यक्रम में पार्टी के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे। सदर प्रखंड परिसर में धरना के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया।

लालू-राबड़ी की सुरक्षा में कटौती से नाराजगी

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार आम जनता की समस्याओं के समाधान में विफल रही है और जनहित के मुद्दों की लगातार अनदेखी की जा रही है। राजद नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी एवं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा में कटौती को भी गलत बताते हुए कहा कि सरकार मनमाने ढंग से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का जवाब जनता आगामी समय में देगी। बिहार में बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है, जबकि स्वास्थ्य व्यवस्था भी बदहाल स्थिति में पहुंच चुकी है।

कानून-व्यवस्था और महंगाई पर तीखा हमला

राजद नेता सह विरासत बचाओ संघर्ष परिषद के अध्यक्ष सत्येंद्र यादव ने कहा कि बिहार में हत्या, बलात्कार, लूट एवं अन्य आपराधिक घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। बेरोजगारी और महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण गरीब एवं मध्यम वर्ग के लोगों का जीवन कठिन होता जा रहा है। सरकार महंगाई और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण पाने में विफल रही है।

डॉ. रमेश यादव का भ्रष्टाचार पर बड़ा आरोप

डॉ. रमेश यादव ने कहा कि जब लालू यादव मुख्यमंत्री थे और ट्रेजरी से 1200 करोड़ रुपये की गड़बड़ी सामने आई, तो उन्होंने खुद एफआईआर दर्ज कराकर दोषियों को जेल भिजवाया था। इसके बावजूद साजिश के तहत लालू यादव को जेल भेज दिया गया। मगर, आज महालेखाकार (सीएजी) खुद 72 हजार करोड़ रुपये का हिसाब बिहार सरकार से मांग रहा है, जिसे सरकार डकार चुकी है। आखिर सरकार इसका हिसाब क्यों नहीं दे रही। इसमें पूरी तरह से घोटाला किया गया, घपला किया गया है।

वरीय नेताओं ने भ्रष्टाचार और बेरोजगारी पर उठाए सवाल

वरीय नेता ओमप्रकाश उर्फ बादशाह यादव ने कहा कि बिहार में महंगाई काफी तेजी से बढ़ रही है। बिहार की विधि-व्यवस्था खराब है। अत्याचार, बलात्कार बिहार में बढ़ गया है। बिहार में बेरोजगारी काफी है। पुल जिस तरह से टूटा है, उस पर क्या हुआ? उन्होंने कहा कि जब टेंडर में घपला होगा, तो भ्रष्टाचार बढ़ेगा। धरना-प्रदर्शन में शामिल रहे सोनू मुखिया, राजू यादव, राजेश गुप्ता, प्रखंड अध्यक्ष सुशील कुमार, विकास यादव, विकास राय, जितेन्द्र यादव, संजय यादव सहित अन्य नेताओं ने जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी लिया।

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