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अतिक्रमण हटाने और मरम्मत की मांग

श्मशान तक जाने का रास्ता बना दलदल, अंतिम संस्कार में भी झेलनी पड़ी भारी परेशानी

श्मशान तक जाने वाला रास्ता बारिश के कारण दलदल में बदल गया, जिससे अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

श्मशान तक जाने का रास्ता बना दलदल अंतिम संस्कार में भी झेलनी पड़ी भारी परेशानी

Road to cremation ground turns into swamp, mourners face severe hardship during last rites |

झालावाड़ (राजस्थान)। रायपुर तहसील के ग्राम सेमली कल्याण पंचायत सालरी में राजपूत समाज के श्मशान मार्ग की बदहाल स्थिति, ग्रामीणों में रोष बना हुआ है। राजपूत समाज के लोगों ने बताया, कि रायपुर तहसील की ग्राम पंचायत सालरी के तहत आने वाले ग्राम सेमली में राजपूत समाज के श्मशान घाट तक जाने वाले मार्ग की स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है। बारिश के मौसम में यह रास्ता पूरी तरह कीचड़युक्त हो जाता है, इससे श्मशान तक पहुंचना तो कठिन है ही, साथ ही इसी मार्ग से खेतों पर आने-जाने वाले किसानों और ग्रामीणों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

तालाब पर कब्जा कर लेने के कारण पानी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित

ग्रामीणों का कहना है, कि पहले गांव का बारिश का पानी प्राकृतिक रूप से तालाब में एकत्रित होता था, लेकिन कुछ लोगों ने कथित अतिक्रमण कर तालाब पर कब्जा कर लेने के कारण पानी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो गया है। इसके चलते बारिश का पानी सीधे इस मार्ग पर भर जाता है, इससे रास्ता बदहाल हो गया है। ग्रामीणों एवं राजपूत समाज के प्रतिनिधियों ने बताया, कि इस समस्या से पंचायत, तहसील एवं पंचायत समिति के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

तालाब के प्राकृतिक पानी निकास को किया जाए बहाल

प्रशासन की उदासीनता के कारण लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। राजपूत समाज के गणमान्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है, कि श्मशान मार्ग की शीघ्र मरम्मत कराई जाए, अतिक्रमण की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा तालाब के प्राकृतिक पानी निकास को बहाल किया जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।

पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत बनाने के बावजूद ग्रामीणों की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं

समाज के लोगों का कहना है, कि लोकतंत्र और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत बनाने के बावजूद यदि ग्रामीणों की मूलभूत समस्याओं का समय पर समाधान नहीं होता, तो यह व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उल्लेखनीय है, कि गांव सेमली कल्याण ग्राम के 80 वर्षीय बुजुर्ग ठाकुर केसर सिंह झाला का स्वर्गवास हो गया, जिनका अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशान ले जा रहे थे।

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