इटावा के जसवंतनगर क्षेत्र में घायल युवक का कथित रूप से सड़क किनारे इलाज किए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और झोलाछाप चिकित्सकों की सक्रियता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
Roadside Treatment Video of Injured Man in Etawah Sparks Questions Over Rural Healthcare |
इटावा,(उत्तर प्रदेश)। जसवंतनगर क्षेत्र के गांव पड़रपुरा में एक घायल युवक का सड़क किनारे खुले में बोरी बिछाकर इलाज करने और टांके लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था और कथित झोलाछाप डॉक्टरों की सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अस्पताल ले जाने के बजाय सड़क किनारे ही हुआ उपचार
जानकारी के अनुसार, पड़रपुरा निवासी मुकेश यादव किसी कारणवश घायल हो गए थे। उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय एक कथित झोलाछाप डॉक्टर ने सड़क किनारे ही उनका उपचार शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में घायल युवक को बोरी पर लिटाकर बिना किसी चिकित्सकीय मानक, स्वच्छ वातावरण या आवश्यक उपकरणों के मरहम-पट्टी और टांके लगाते हुए देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि उपचार करने वाला व्यक्ति पड़ोसी गांव का निवासी है।
क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू
वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खुले में इस प्रकार इलाज करना मरीज के लिए संक्रमण और अन्य गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। साथ ही बिना पंजीकरण वाले लोगों द्वारा चिकित्सा किए जाने पर भी लोगों ने चिंता व्यक्त की है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं
स्थानीय लोगों का आरोप है, कि ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से झोलाछाप डॉक्टर सक्रिय हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ग्रामीणों ने वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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