हवाई पट्टी मार्ग पर ओढ़मपुर मोड़ और नगला शीशिया गांव के बीच अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल 16 वर्षीय किशोर की आठ दिन बाद उपचार के दौरान मौत हो गई।
सैफई: हवाई पट्टी मार्ग पर ओढ़मपुर मोड़ और नगला शीशिया गांव के बीच अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल 16 वर्षीय किशोर की आठ दिन बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। रविवार को उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के इमरजेंसी ट्रामा सेंटर में उसने दम तोड़ दिया। किशोर की मौत से परिवार में शोक छा गया।
बुआ के घर से साइकिल पर लौट रहा था छात्र
नगला नथू निवासी नेत्रपाल सिंह यादव का 16 वर्षीय बेटा सनी यादव कक्षा 11 का छात्र था। 10 अक्टूबर की शाम करीब 7:30 बजे वह नगला किशोरी स्थित अपनी बुआ के घर से साइकिल से वापस घर लौट रहा था। इसी दौरान ओढ़मपुर मोड़ और नगला शीशिया गांव के बीच किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में सनी गंभीर रूप से घायल हो गया।
आठ दिन तक चला उपचार, फिर तोड़ा दम
घटना की सूचना मिलने पर पहुंचे परिजनों ने उसे उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के इमरजेंसी ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। यहां चिकित्सकों की देखरेख में उसका उपचार चल रहा था। आठ दिनों तक चले उपचार के बाद 18 अक्टूबर देर शाम को उसकी मौत हो गई।
दो भाइयों और एक बहन में दूसरे नंबर पर था सनी
किशोर की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में दुख की लहर दौड़ गई। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम कराया। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सनी दो भाइयों और एक बहन में दूसरे नंबर का था। वह कक्षा 11 में पढ़ाई कर रहा था। उसके पिता नेत्रपाल सिंह यादव नोएडा की एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। किशोर की असमय मौत से परिवार और गांव में शोक का माहौल है।
ये भी पढ़ें: प्रसव के बाद प्रसूता की मौत, निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप