संजय राउत ने कहा कि पीएम मोदी को चीन से लद्दाख और गलवान के उन इलाकों से पीछे हटने और भारत की जमीन लौटाने को कहना चाहिए, जहां घुसपैठ का आरोप है।
मुंबई (महाराष्ट्र)। शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर कड़ा रुख अपनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सामने साफ तौर पर लद्दाख और गलवान के उन इलाकों से पीछे हटने की बात रखनी चाहिए, जहां भारत ने चीनी घुसपैठ का आरोप लगाया है। राउत ने कहा कि चीन को भारत की जमीन वापस करनी चाहिए।
चीन के साथ 25 दौर की बातचीत पर उठाया सवाल
राउत ने कहा कि भारत ने पिछले दो वर्षों में चीन के साथ 25 दौर की बातचीत की है। उन्होंने सवाल उठाया कि इन बातचीत के बाद दोनों देशों के संबंधों में क्या सुधार हुआ है। राउत ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी को भारत दौरे पर आए चीन के राष्ट्रपति को स्पष्ट रूप से कहना चाहिए कि वे पहले लद्दाख और गलवान के उन क्षेत्रों से पीछे हटें जहां उन्होंने घुसपैठ की है और हमारी जमीन हमें लौटा दें।”
ईरानी राष्ट्रपति के दौरे का भी किया जिक्र
राउत ने ईरानी राष्ट्रपति के भारत दौरे को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, “दूसरी ओर, ईरानी राष्ट्रपति का दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण है। मैंने देखा कि ईरानी राष्ट्रपति शेर की तरह दिल्ली पहुंचे...ईरान ने इजरायल और अमेरिका के सामने अपनी ताकत, साहस और आत्मसम्मान का प्रदर्शन किया है...” उन्होंने आगे कहा, “अन्य तो केवल व्यापारी हैं - चीन भी व्यापारी है और अमेरिका भी व्यापारी है।”
BRICS सम्मेलन के लिए दिल्ली पहुंचे शी जिनपिंग
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे। वह बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। दिल्ली पहुंचने पर शी जिनपिंग का स्वागत किया गया और पूर्वोत्तर समेत अन्य भारतीय राज्यों के सांस्कृतिक दल ने शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किया।
शी जिनपिंग के साथ चीनी अधिकारी भी पहुंचे
चीनी समाचार एजेंसी के अनुसार, राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC) केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य और CPC केंद्रीय समिति के जनरल कार्यालय के निदेशक साई क्यूई भी भारत पहुंचे हैं। उनके साथ चीनी विदेश मंत्री और CPC केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य वांग यी भी हैं।
BRICS में आर्थिक और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा
BRICS प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक नीति में सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच है। यह मंच सदस्य देशों को वैश्विक मुद्दों पर साझा रुख बनाने का अवसर देता है। इसके जरिए ग्लोबल साउथ के हितों को बहुपक्षीय संस्थानों में आगे बढ़ाने पर भी चर्चा होती है।
विकास, वित्त और तकनीक जैसे मुद्दे एजेंडे में
BRICS के एजेंडे में विकास, वित्त, तकनीक, व्यापार और लोगों के बीच संपर्क जैसे मुद्दे शामिल हैं। यह समूह उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बढ़ते आर्थिक महत्व और उनकी आकांक्षाओं को दिखाता है। साथ ही, यह सदस्य देशों को अपने अनुभव साझा करने और साझा चुनौतियों पर मिलकर काम करने का मंच देता है। (Source: ANI)
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