AAP सांसद संजय सिंह ने फरवरी 2025 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव को रद्द करने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में संसद में चर्चा की मांग करते हुए शून्य काल के दौरान सदन को एक नोटिस दिया है।
नई दिल्ली। AAP सांसद संजय सिंह ने फरवरी 2025 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव को रद्द करने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में संसद में चर्चा की मांग करते हुए शून्य काल के दौरान सदन को एक नोटिस दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग और जांच में अत्यधिक विलंब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने का आरोप
सांसद ने कहा कि गिरफ्तारियां और अभियोजन न्याय के उद्देश्य से नहीं, बल्कि राजनीतिक विरोधियों को लक्षित करने के लिए किए गए थे। लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार की साजिश के तहत छवि खराब कर बदनाम किया गया। पहली बार ऐसा हुआ कि एक पदस्थ मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सहित आप पार्टी के नेताओं को फर्जी केस में गिरफ्तार कर जेल में रखा गया। उन्होंने कहा कि एक लोकप्रीय सरकार के मुख्यमंत्री को जेल में डालकर और दुष्प्रचार कर चुनाव कराया गया। उन्होंने मांग की कि दिल्ली की मौजूदा सरकार को भंग कर फिर से चुनाव कराए जाएं।
राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ जांच एजेंसियों के उपयोग आरोप
सिंह ने सदन को दिए गए नोटिस में केंद्र की मोदी सरकार जांच एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ करने का आरोप लगया। उन्होंने दिल्ली आबकारी नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का नाम लेते हुए कहा कि विशेष अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अभियोजन पक्ष 'प्रथम दृष्टया' साक्ष्य (prima facie evidence) स्थापित करने में विफल रहा और मामले को कानूनी रूप से अस्थिर बताया।
चुनाव की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
उन्होंने आगे कहा कि न्यायपालिका की यह टिप्पणी जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है। ऐसा प्रतीत होता है कि ईडी (ED) और सीबीआई जैसी एजेंसियों का उपयोग जनप्रतिनिधियों को लंबी अवधि तक जेल में रखने और उनकी छवि धूमिल करने के लिए किया गया, जिसका सीधा प्रभाव हमारी लोकतांत्रिक और चुनावी प्रक्रिया पर पड़ा है।
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