कोटमीकला साप्ताहिक हाट बाजार में सराफा व्यवसायी प्रदीप सोनी की हत्या एवं लूट के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (छत्तीसगढ़)। कोटमीकला साप्ताहिक हाट बाजार में सराफा व्यवसायी प्रदीप सोनी की हत्या एवं लूट के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने तकनीकी खुफिया (TechINT) एवं मानव खुफिया (HumINT) के समन्वित उपयोग से घटना में शामिल सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त हथियार, जिंदा कारतूस, लूटे गए आभूषण तथा वारदात में उपयोग किए गए वाहन बरामद किए गए हैं।
लूट के दौरान हुई थी सराफा कारोबारी की हत्या
पुलिस के अनुसार, 26 मई 2026 को कोटमीकला साप्ताहिक बाजार में सराफा व्यवसायी प्रदीप सोनी से लूटपाट के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग के निर्देशन में जिला पुलिस, साइबर सेल एवं रेंज की विभिन्न इकाइयों की संयुक्त टीम गठित कर जांच शुरू की गई।
रेकी के बाद रची गई थी वारदात की साजिश
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी खुशीराम साहू ने बिहार और झारखंड के अपने साथियों राहुल उर्फ मनीष मंडल, सुजीत उर्फ राजू दास, संतोष कुमार दास तथा अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर वारदात की साजिश रची थी। आरोपियों ने पहले बाजार में सराफा कारोबारियों की गतिविधियों की रेकी की और फिर योजनाबद्ध तरीके से लूट की घटना को अंजाम दिया। विरोध करने पर आरोपी राहुल उर्फ मनीष मंडल ने प्रदीप सोनी को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई।

तीन राज्यों में चला पुलिस का ऑपरेशन
घटना के बाद आरोपी अलग-अलग स्थानों पर फरार हो गए थे। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल ट्रैकिंग, मुखबिर सूचना और अंतरराज्यीय समन्वय के आधार पर छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड में कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर दो देशी कट्टे, चार जिंदा कारतूस, एक खोखा, 40 ग्राम सोना, 4 किलो 480 ग्राम चांदी, सात मोबाइल फोन, दो मोटरसाइकिल तथा एक स्विफ्ट कार बरामद की है।
दो सप्ताह में पुलिस को मिली बड़ी सफलता
गिरफ्तार आरोपियों में खुशीराम साहू, राजाराम साहू, गया प्रसाद रजक, राहुल उर्फ मनीष मंडल, सुजीत उर्फ राजू दास, संतोष कुमार दास तथा श्रेयांश शुक्ला शामिल हैं। इनमें से कुछ आरोपियों के खिलाफ बिहार एवं झारखंड में लूट और चोरी के कई पुराने मामले भी दर्ज हैं। पुलिस ने महज दो सप्ताह के भीतर इस बहुचर्चित हत्याकांड का पर्दाफाश कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इस कार्रवाई में जिला पुलिस, साइबर सेल, एसीसीयू बिलासपुर तथा बिलासपुर रेंज की विभिन्न पुलिस इकाइयों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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