सीधी। जिले के भू-अर्जन शाखा कलेक्ट्रेट कार्यालय में पदस्थ जोनल अधिकारी भूपेंद्र पाण्डेय को लोकायुक्त रीवा की टीम ने गुरुवार को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
सीधी। जिले के भू-अर्जन शाखा कलेक्ट्रेट कार्यालय में पदस्थ जोनल अधिकारी भूपेंद्र पाण्डेय को लोकायुक्त रीवा की टीम ने गुरुवार को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता शिव बहोर तिवारी (निवासी ग्राम सदला, तहसील बहरी) ने 23 फरवरी को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में एक आवेदन प्रस्तुत किया था।
27 लाख मुआवजा में 50 फीसदी मांगा रिश्वत
शिकायत के अनुसार, उनकी पत्नी श्रीमती सुशीला तिवारी के नाम दर्ज 0.0380 हेक्टेयर भूमि सीधी-सिंगरौली राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण हेतु शासन ने वर्ष 2012-13 में अधिग्रहित की थी। जब उन्होंने मुआवजे की राशि के भुगतान के लिए जोनल अधिकारी भूपेंद्र पाण्डेय से मुलाकात की, तो अधिकारी ने बताया कि कुल मुआवजे की राशि 27 लाख रुपये बनती है। अधिकारी ने इस राशि का 50 प्रतिशत (यानी 13.50 लाख रुपये) रिश्वत के तौर पर माँगा और कहा कि पैसा देने पर ही मुआवजे का भुगतान होगा।
सत्यापन पर लोकायुक्त ने की कार्रवाई-
लोकायुक्त द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया। रिश्वत की मांग सही पाई गई। गुरुवार को दोपहर करीब 12 बजे लोकायुक्त की टीम ने भू-अर्जन कार्यालय में छापा मारकर भूपेंद्र पाण्डेय को एक लाख रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। कार्रवाई टीम में कई और सदस्या थे।
आय से अधिक संपत्ति का मामला पहले भी दर्ज है
आरोपी भूपेंद्र पाण्डेय के खिलाफ पहले से ही लोकायुक्त रीवा में पद का दुरुपयोग और आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज है। जिस पर कार्रवाई चल रही है।
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