अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी से जुड़ा मामला अब एक नई दिशा में बढ़ रहा है। चढ़ावे की राशि के गबन की जांच कर रही SIT ने अपना दायरा और बढ़ा दिया है।
लखनऊ: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी से जुड़ा मामला अब एक नई दिशा में बढ़ रहा है। चढ़ावे की राशि के गबन की जांच कर रही SIT ने अपना दायरा और बढ़ा दिया है। जांच का दायरा बढ़ाए जाने से मंदिर की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
प्राण-प्रतिष्ठा के बाद हुई नियुक्तियों की जांच शुरू
SIT ने रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के बाद हुई नियुक्तियों की जांच शुरू कर दी है। खासतौर पर सुरक्षाकर्मियों की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है, ताकि किसी भी गड़बड़ी का पता चल सके।
लंबे समय से काम कर रहे कर्मियों से पूछताछ
साथ ही, मंदिर प्रशासन के लेखा-जोखा से जुड़े कर्मचारियों से भी गहन पूछताछ की जा रही है। राम मंदिर परिसर में कुल 800 कर्मचारी तैनात हैं। इनमें लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों से भी SIT पूछताछ कर रही है।
मंदिर के प्रशासनिक और सुरक्षा प्रबंधन अब छानबीन के दायरे में
SIT की जांच का दायरा केवल चढ़ावे की राशि के गबन तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि मंदिर के प्रशासनिक और सुरक्षा प्रबंधन के सभी पहलुओं को छानबीन के दायरे में लाया गया है। यह कदम मंदिर के प्रति जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है।
सवर्ण समाज ने खोला मोर्चा
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित हेराफेरी को लेकर सवर्ण मोर्चा के कार्यकर्ता व पदाधिकारी हजरतगंज कोतवाली पहुंचे। मोर्चा के सदस्यों ने कोतवाली प्रभारी को चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव, टिन्नू यादव और अन्य अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने अधिकारियों से बात कर मामला दर्ज करने का आश्वासन दिया है। वहीं, सवर्ण मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट जाएंगे।