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उपभोक्ता परिषद ने बिलिंग व्यवस्था पर उठाये सवाल

स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर की बिलिंग नेटवर्क समस्या, उपभोक्ता परेशान

उत्तर प्रदेश में रेडियो फ्रीक्वेंसी तकनीकी पर सिम आधारित  स्मार्ट बिजली मीटरों में नेटवर्क के कारण रीडिंग और बिलिंग पर बुरा असर पड़ रहा है।

स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर की बिलिंग नेटवर्क समस्या  उपभोक्ता परेशान

स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर की बिलिंग नेटवर्क समस्या, प्रभावित उपभोक्ता परेशान

विद्युत उपभोक्ता परिषद ने बिलिंग व्यवस्था पर उठाये सवाल

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में रेडियो फ्रीक्वेंसी तकनीकी पर सिम आधारित  स्मार्ट बिजली मीटरों में नेटवर्क के कारण रीडिंग और बिलिंग पर बुरा असर पड़ रहा है। यही नहीं स्मार्ट प्रीपेड मीटर बिजली चोरी रोकने में सक्षम नहीं हैं। ये आरोप  राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने लगाया है।

इस बीच विद्युत नियामक आयोग ने स्मार्ट प्रीपेड उपभोक्ताओं की समस्याओं को देखते हुए राज्य में कनेक्शन धारकों को अब हर महीने बिल मुहैया कराने का आदेश दिया है। नियामक आयोग के आदेश के बाद अब कनेक्शन धारकों को भी अब हर महीने बिल मिलेगा जिसमें उनके द्वारा कराए गए रीचार्ज और बैलेंस से रकम की कटौती आदि की पूरी जानकारी होगी। विद्युत नियामक आयोग ने हाल ही में जारी टैरिफ आदेश में इसकी व्यवस्था दी है।

उत्तर प्रदेश जबरदस्ती लगाये जा रहे स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर के अब तक के अनुभवों को देखते हुए राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने सवाल उठाये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के करीब 57631 स्मार्ट प्रीपेड मीटर नेटवर्क समस्या में फंसे हैं। ऐसे में इनकी रीडिंग और बिलिंग प्रभावित हो रही है। इसकी वजह से बड़ी संख्या में बिजली उपभोक्ताओं को समय समय पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

नेटवर्क समस्या में फंसे हैं 57631 स्मार्ट प्रीपेड मीटर 

उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 27342 करोड़ के स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। दावा है कि ये 4जी तकनीकी अथवा रेडियो फ्रीक्वेंसी तकनीकी पर सिम आधारित व्यवस्था के तहत काम करेंगे। इससे विद्युत उपभोक्ताओं की सभी सूचनाएं सीधे मीटर डाटा मैनेजमेंट (एमडीएम) के तहत बिजली कंपनियों तक पहुंचेंगी। उसी आधार पर बिजली बिल जारी होगा, लेकिन चार दिसंबर की समीक्षा रिपोर्ट में स्पष्ट है कि प्रदेश के करीब 57631 स्मार्ट प्रीपेड मीटर नेटवर्क समस्या में फंसे हैं। 

समस्या ठीक नहीं हुई तो ध्वस्त हो जाएगी व्यवस्था

उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर का कम्यूनिकेशन और नेटवर्क ही बैकबोन है। इसमें सफलता नहीं मिली तो पूरी परियोजना ध्वस्त हो जाएगी। नेटवर्क नहीं होने से बिलिंग नहीं होगी। मीटर का कोई भी डाटा सर्वर पर नहीं पहुंचेगा। उन्होंने कहा, स्मार्ट प्रीपेड मीटर इसलिए लग रहे हैं कि बिजली चोरी रोकी जाए।

श्री वर्मा ने कहा कि विभागीय समीक्षा में पाया गया है कि 1237 केस में उपभोक्ता बाईपास करके अपने मीटर को चला रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर बिजली चोरी रोकने में सक्षम नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।

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