SP Delegation to Meet Victim's Family as Mainpuri Murder Case Gains Political Attention |
मैनपुरी,(उत्तर प्रदेश)। थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव नगला अनी में बिजली की केबल डालने को लेकर हुए विवाद में युवक की मौत के मामले ने राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है। घटना के आठ दिन बाद भी नामजद नौ आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इसी बीच मंगलवार को समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मुलाकात करने गांव पहुंचेगा, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
विवाद के दौरान हुई मारपीट में हुई मौत
बताया जाता है, कि 3 जुलाई को बिजली की केबल डालने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। विवाद के दौरान हुई मारपीट में विकास कुमार पुत्र छोटेलाल गंभीर रूप से घायल हो गया था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने किशनी-मैनपुरी मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया था। बाद में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के आश्वासन पर जाम समाप्त कराया गया।
नौ आरोपी अब भी फरार
पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, आर्थिक सहायता और तत्कालीन थाना प्रभारी को हटाने की मांग की थी। पुलिस ने 7 जुलाई को हत्या, एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में दस लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मामले के मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ धम्मू को 11 जुलाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि शेष नौ आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस का कहना है, कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
समाजवादी पार्टी ने पीड़ित परिवार से मिलने के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजा
इधर, समाजवादी पार्टी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मंगलवार दोपहर पीड़ित परिवार से मिलने के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला किया है। प्रतिनिधिमंडल में सांसद रामजीलाल सुमन, जिलाध्यक्ष आलोक कुमार शाक्य, समाजवादी बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिठाई लाल भारती, विधायक बृजेश कठेरिया, विधायक राघवेंद्र गौतम, एमएलसी मुकुल यादव, पूर्व विधायक राजू यादव, विधानसभा अध्यक्ष किशनी श्यामकरण शाक्य तथा जिलाध्यक्ष आलोक जाटव सहित कई नेता शामिल रहेंगे।
सपा नेताओं के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाएगा और अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व तथा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सौंपेगा। सपा नेताओं के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। घटना के बाद से गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और लोगों की निगाहें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ आज होने वाली राजनीतिक गतिविधियों पर भी टिकी हैं।
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