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सपा ने आई-पीएसी से करार खत्म किया

समाजवादी पार्टी ने चुनाव प्रबंधन कंपनी ‘आई-पीएसी’ करार खत्म किया

समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने पश्चिम बंगाल में Mamata Banerjee और तमिलनाडु में M. K. Stalin की हार के बाद चुनाव प्रबंधन कंपनी आई-पैक (I-PAC) से करार रद्द करने का फ़ैसला किया है।

समाजवादी पार्टी ने चुनाव प्रबंधन कंपनी ‘आई-पीएसी’ करार खत्म किया

Political Campaign |

लखनऊ। समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने पश्चिम बंगाल में Mamata Banerjee और तमिलनाडु में M. K. Stalin की हार के बाद चुनाव प्रबंधन कंपनी आई-पैक (I-PAC) से करार रद्द करने का फ़ैसला किया है। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बताया कि अब उनके पास इस फर्म की सेवाएं लेने के लिए 'पर्याप्त धन' नहीं है। सपा अब खुद पार्टी का चुनाव प्रबंधन संभालेगी।

हार के बाद फैसले की चर्चा

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनाव नतीजों के बाद लिये गये अखिलेश यादव के निर्णय को तृणमूल कांग्रेस और डीएमके की क्रमशः पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की हार से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि ममता बनर्जी और एमके स्टालिन की हार के बाद अखिलेश यादव ने चुनाव प्रबंधन कंपनी आई-पैक (I-PAC) से दूरी बना ली है। लेकिन सपा ने यह स्पष्ट किया है कि अनुबंध खत्म करने का निर्णय केवल आर्थिक कारणों से लिया गया है, न कि किसी अन्य विवाद के कारण। अब पार्टी 2027 के लिए बाहरी पेशेवरों के बजाय अपने ही संगठन पर भरोसा करेगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले अखिलेश

अखिलेश यादव ने बुधवार एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "वे (I-PAC) कुछ समय से हमारे लिए काम कर रहे थे, लेकिन अब हमारे पास धन नहीं है।" उन्होंने आगे कहा, “हमने चुनाव परिणामों के कारण अपना अनुबंध रद्द नहीं किया। हमारे पास धनराशि नहीं है। भाजपा हमें धनराशि पहुंचने नहीं दे रही है।” उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का आई-पैक के साथ संबंध संक्षिप्त था।

अब खुद संभालेगी चुनाव प्रबंधन

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे पास उतना पैसा नहीं है कि भुगतान कर सकें। अखिलेश यादव ने चुनाव प्रबंधन से जुड़ी कुछ एजेंसियों का नाम लेते हुए कहा कि कुछ जानकारों ने उन्हें इन्हें हायर करने का सुझाव दिया है। पर अब पार्टी आगामी चुनावों के लिए खुद से चुनाव प्रबंधन का काम करेगी और शो-टाइम (Showtime) जैसी अन्य रणनीतियों का उपयोग करेगी।

प्रशांत किशोर ने की थी स्थापना

मालूम हो कि I-PAC की स्थापना मशहूर चुनाव रणनीतिकार Prashant Kishor ने की थी। पर बताया जाता है कि अब प्रशांत किशोर का इस कंपनी से जुड़ाव नहीं है। पर I-PAC अभी भी राजनीतिक पार्टियों के लिए चुनावी मैनेजमेंट का काम करती है। ममता बनर्जी और स्टालिन के लिए कंपनी पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों जगह I-PAC ही काम कर रही थी।

ईडी जांच का भी रहा मामला

पश्चिम बंगाल में चुनाव के बीच ही इसके सह-संस्थापक विनेश चंदेल को कथित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने अप्रैल में गिरफ्तार किया था। ईडी ने आरोप लगाया था कि एक 'हवाला' ऑपरेशन के जरिए करोड़ों रुपये आई-पैक की मूल कंपनी में भेजे गए ताकि "काले धन को सफेद धन में बदला जा सके।" हालांकि चुनाव खत्म होते ही विनेश चंदेल को कोर्ट से जमानत मिल गयी और ईडी ने भी जमानत का विरोध नहीं किया।

भाजपा पर साधा निशाना

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा ने आज वोट की लूट की है, कल आरक्षण की लूट करेगी। भाजपा के दस नंबरी मॉडल ने लोकतंत्र को जकड़ लिया है। एक विचारधारा विशेष के अधिकारियों, मुनाफाखोर धन्नासेठों और ठेकेदारों का डेमोक्रेटिक क्राइम गैंग (लोकतांत्रिक अपराध गैंग-डीसीजी) बन गया है।

यूपी चुनाव का भी किया जिक्र

अखिलेश यादव ने प्रदेश सपा मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव में जिस तरह के हालात का सामना किया, उसी तरह की स्थितियों का सामना 2022 में यूपी में सपा ने किया था। तमाम बूथों और विधानसभा क्षेत्रों के मतगणना केंद्रों में केंद्रीय बलों को लगाकर पोलिंग बूथों से एजेंटों को बाहर निकाल दिया गया। रिवाल्वर दिखाकर महिलाओं को वोट देने से रोका गया था।

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