सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए पीठासीन अधिकारियों को बदलने, वीडियो रिकॉर्डिंग और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की मांग
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की गई है। सपा ने आरोप लगाया है कि 23 अक्टूबर 2026 को होने वाले मतदान के लिए भाजपा प्रत्याशी हरि किशोर तिवारी के समर्थक इंजीनियरों को पीठासीन अधिकारी बनाया जा रहा है। पार्टी ने आशंका जताई कि इससे मतदान की गोपनीयता और निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति पर सपा ने उठाए सवाल
ज्ञापन में कहा गया है कि भाजपा प्रत्याशी हरि किशोर तिवारी लंबे समय तक डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के अध्यक्ष और राज्य कर्मचारियों के नेता रहे हैं। सपा का आरोप है कि सरकार और भाजपा के दबाव में संघ से जुड़े इंजीनियरों को मतदान केंद्रों पर पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया जा रहा है। पार्टी ने दावा किया कि ऐसे अधिकारियों की नियुक्ति से चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। सपा ने इसे कथित तौर पर मतदान केंद्रों के भीतर गुप्त तरीके से बूथ कैप्चरिंग और फर्जी मतदान की संभावना से भी जोड़ा है।
पीठासीन अधिकारियों को हटाने और निष्पक्ष अधिकारियों की नियुक्ति की मांग
समाजवादी पार्टी ने मांग की है कि डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ से जुड़े या भाजपा प्रत्याशी के प्रभाव में बताए जा रहे पीठासीन अधिकारियों को तत्काल हटाया जाए। उनके स्थान पर निष्पक्ष और विवादों से दूर केंद्र एवं राज्य सरकार के अधिकारियों की नियुक्ति की जाए। ज्ञापन में मतदान प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करने और संवेदनशील मतदान केंद्रों के भीतर स्वतंत्र केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त करने की भी मांग की गई है। पार्टी ने निर्वाचन आयोग से चुनाव की गोपनीयता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है।
शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन पर दबाव बनाने का आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि प्रदेश सरकार के मंत्री, भाजपा नेता और विभिन्न विभागों के अधिकारी विद्यालयों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों तथा शिक्षकों पर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने के लिए दबाव बना रहे हैं। सपा ने जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS), जिला बेसिक शिक्षाधिकारी (BSA), अग्निशमन विभाग, विद्युत विभाग और माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधिकारियों का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि मतदाताओं को डराने-धमकाने और अनुचित दबाव डालने की कथित घटनाओं से चुनाव प्रभावित हो सकता है।
बलिया के अधिकारियों पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप
सपा ने बलिया के जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी (राजस्व), जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षाधिकारी के विरुद्ध आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन के मुताबिक, जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने 19 अक्टूबर 2026 को कई विद्यालयों के प्रबंधकों को बुलाकर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान के लिए कथित रूप से अनुचित दबाव बनाया। पार्टी ने इन आरोपों की जांच और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
नगरा में बैठक और मतदाता सूची के पुनः सत्यापन पर आपत्ति
ज्ञापन में बलिया जिले के नगरा ब्लॉक में विद्यालय प्रबंधकों को बुलाकर बैठक आयोजित किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। सपा का आरोप है कि वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों के कैशलेस इलाज में शामिल न होने के मुद्दे पर उन्हें गलत तरीके से परेशान किया जा रहा है और भाजपा नेताओं के साथ बैठकें की जा रही हैं। पार्टी ने इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताया है। इसके अलावा, जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा 19 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र के माध्यम से विधान परिषद चुनाव की अंतिम मतदाता सूची का दोबारा सत्यापन कराने की प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई गई है।
सपा प्रतिनिधिमंडल ने त्वरित कार्रवाई की मांग की
समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह शामिल रहे। पार्टी ने मांग की कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए विवादित बताए जा रहे अधिकारियों को हटाया जाए, संवेदनशील मतदान केंद्रों पर स्वतंत्र पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएं और वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए। साथ ही, बलिया के संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोपों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई।
यह भी पढ़ें: सिमरन शर्मा ने T12 कैटेगरी में जीता गोल्ड, तेजलबेन दामोर को ब्रॉन्ज