थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों में एचआईवी संक्रमण के मामले ने गंभीर सवालों के घेरे में ला दिया है। इस मामले की जांच रीवा तक पहुंच गई है।
रीवा। थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों में एचआईवी संक्रमण के मामले ने गंभीर सवालों के घेरे में ला दिया है। इस मामले की जांच रीवा तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की जांच इकाई ने बुधवार को रीवा मेडिकल कॉलेज का दौरा कर मामले से जुड़े दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की पड़ताल की।
जांच टीम ने करीब तीन घंटे तक की जांच व समीक्षा
जांच टीम करीब तीन घंटे तक मेडिकल कॉलेज में रही और ब्लड ट्रांसफ्यूजन से संबंधित रिकॉर्ड, लैब रिपोर्ट तथा इलाज की प्रक्रिया की समीक्षा की। बताया गया है कि थैलेसीमिया से पीड़ित जिन बच्चों में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई है, उनमें एक बच्चा छत्तीसगढ़ का है। इस बच्चे में संक्रमण का पता दिसंबर 2024 में चला था, जब उसे नियमित रक्त चढ़ाने के दौरान जांच के लिए भेजा गया।
जांच के दौरान कुछ बच्चों में हुई थी संक्रमण की पुष्टि, कुछ मामलों में रिपोर्ट संदिग्ध
थैलेसीमिया के कारण इन बच्चों को बार-बार रक्त चढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है। इसी प्रक्रिया के दौरान संक्रमण फैलने की आशंका जताई जा रही है। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि जांच के दौरान कई बच्चों की एचआईवी जांच की गई थी, जिनमें कुछ बच्चों में संक्रमण की पुष्टि हुई, जबकि कुछ मामलों में रिपोर्ट संदिग्ध पाई गई।
कुछ अहम पहलुओं पर नहीं मिल पाए स्पष्ट जवाब
जांच के दौरान कुछ अहम पहलुओं पर स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाए। सूत्रों बताते हैं कि ब्लड बैंक से जुड़े कर्मचारियों और लैब टेक्नीशियनों से पूछताछ की जानी थी। पर संबंधित अधिकारी मौके पर उपलब्ध नहीं हो सके। इस कारण जांच टीम को बिना पूरी जानकारी के वापस लौटना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित स्टाफ से बाद में पूछताछ की जाएगी और जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने भी तेज की आंतरिक जांच
मानवाधिकार आयोग की टीम ने संकेत दिए हैं कि यदि लापरवाही या नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिलते हैं, तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने भी आंतरिक जांच तेज कर दी है और ब्लड ट्रांसफ्यूजन की पूरी श्रृंखला की दोबारा समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
पीड़ित बच्चों के अभिभावकों ने की दोषियों पर कार्रवाई की मांग
इस मामले के सामने आने के बाद थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के अभिभावकों में चिंता और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहे हैं। वे सुरक्षित इलाज और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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