मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित करने वाला मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) इन दिनों खुद कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित करने वाला मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) इन दिनों खुद कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। मंडल में स्वीकृत पदों के मुकाबले आधे से भी कम कर्मचारी कार्यरत हैं, जिसका सीधा असर राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं पर पड़ रहा है। इसमें 187 पद स्वीकृत हैं जबकि 73 लोग ही कार्यरत हैं। मडल में 60 फीसदी पद खाली हैं। अभी 40 फीसदी कर्मचारी ही काम कर रहे हैं।
कामकाज पर पड़ रहा बुरा असर
मंडल में स्टाफ की इस भारी कमी के कारण नई भर्तियों के नोटिफिकेशन और परीक्षाओं के आयोजन में विलंब हो रहा है। सीमित स्टाफ होने के कारण मौजूदा कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ गया है। इससे मंडल की दैनिक कार्यप्रणाली सुस्त हो गई है। परीक्षाओं के परिणाम घोषित करने और उसके बाद की प्रक्रियाओं में भी बाधा जैसी समस्याएं आ रही है।
इस समस्या का कारण
लंबे समय से खाली पड़े पदों पर नई नियुक्तियां न होना और प्रतिनियुक्ति (deputation) पर आए अधिकारियों/कर्मचारियों की कमी इसका मुख्य कारण है। चयन भवन, जो राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य का फैसला करता है, आज खुद प्रशासनिक लाचारी का सामना कर रहा है। इससे भर्ती परीक्षाओं और मंडल की साख पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/india/png-push-lpg-connections-to-end-where-pipeline-gas-exists/151766
PNG को बढ़ावा: अब जहां पाइपलाइन गैस उपलब्ध, वहां LPG कनेक्शन होगा बंद