सहारनपुर में रजिस्ट्री कार्यालय स्थानांतरण और ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में दस्तावेज लेखकों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी है, जिससे रजिस्ट्री कार्य पूरी तरह ठप हो गया है।
सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)। रजिस्ट्री कार्यालय को फतेहपुर जट स्थानांतरित किए जाने और ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू करने के विरोध में दस्तावेज लेखक एसोसिएशन की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के चलते दस्तावेज लेखक और अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहे तथा रजिस्ट्री कार्यालयों में तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया गया। लगातार तीन दिनों से रजिस्ट्री कार्य ठप होने के कारण स्टांप एवं निबंधन विभाग को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, ई-रजिस्ट्री और ई-स्टांपिंग से रोजगार पर असर का दावा
सदर तहसील परिसर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय को फतेहपुर जट में स्थानांतरित करने के निर्णय का विरोध करते हुए दस्तावेज लेखकों ने कलक्ट्रेट परिसर स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय पर ताला लगाकर नारेबाजी की। संगठन का कहना है कि रजिस्ट्री कार्यालय को करीब सात किलोमीटर दूर ले जाने से आम जनता, अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उनका तर्क है कि नियमानुसार रजिस्ट्री कार्यालय तहसील परिसर में ही होना चाहिए। दस्तावेज लेखक संगठन के अध्यक्ष लोकमान अहमद ने कहा कि ई-रजिस्ट्री और ई-स्टांपिंग की नई व्यवस्था उनके रोजगार पर सीधा प्रभाव डाल रही है।
प्रदेशभर में आंदोलन फैलने का दावा
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नई व्यवस्था से दस्तावेज लेखक बेरोजगार होने की स्थिति में पहुंच जाएंगे। साथ ही फतेहपुर जट में कार्यालय स्थानांतरण से रजिस्ट्री से जुड़े अन्य विभागों से दूरी बढ़ेगी, जिससे लोगों को अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल सहारनपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में चल रहा है। लगातार तीन दिनों से रजिस्ट्री कार्य बंद होने से सरकार को भारी राजस्व हानि हो रही है।
मांगें पूरी न होने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी
संगठन ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हड़ताल और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोगों को भी लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है।
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