बछरांवा के जयप्रकाश नारायण सर्वोदय आश्रम पद्धति विद्यालय में बिजली, पानी, घटिया भोजन, किताबों और शिक्षकों की भारी कमी से आक्रोशित सैकड़ों छात्रों ने प्रदर्शन किया।
रायबरेली (उत्तर प्रदेश)। बिजली, पानी, घटिया भोजन, किताबों और शिक्षकों की भारी कमी से आक्रोशित बछरांवा के जयप्रकाश नारायण सर्वोदय आश्रम पद्धति विद्यालय (समोधा) के सैकड़ों छात्र बुधवार को सड़कों पर उतर आए। करीब तीन किलोमीटर पैदल मार्च कर बछरावां पहुंचे छात्रों ने रेलवे क्रासिंग के पास धरना देकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देर रात करीब 2:30 बजे तक चले इस उग्र प्रदर्शन से पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा रहा। अंततः प्रशासन द्वारा मौके पर तत्काल जनरेटर और नया ट्रांसफार्मर लगवाकर विद्युत आपूर्ति बहाल कराए जाने के बाद छात्रों ने धरना समाप्त किया।
रातभर चला मान-मनौवल का दौर
छात्रों की सबसे बड़ी समस्या विद्युत आपूर्ति को लेकर थी। विद्यालय में लगा सोलर प्लांट बैटरियां खराब होने के कारण ठप पड़ा था, जिससे अंधेरा होते ही पढ़ाई पूरी तरह बंद हो जाती थी। इसके अलावा पीने के पानी, मेस में घटिया खाने और पढ़ाई के लिए किताबें व शिक्षक न होने को लेकर छात्र आक्रोशित थे। देर रात तक चले इस घटनाक्रम के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासनिक अधिकारी छात्रों को शांत कराने में जुटे रहे।
क्लर्क पर प्रताड़ना का आरोप, हटाया गया
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विद्यालय में तैनात क्लर्क ब्रिजेश प्रजापति पर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप भी लगाया। उप जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश गौतम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए क्लर्क को तत्काल प्रभाव से विद्यालय से हटाकर अन्यत्र संबद्ध करने के निर्देश दिए।
वाहनों से वापस भेजे गए छात्र
उप जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश गौतम ने छात्रों को आश्वस्त किया कि बिजली की समस्या का तुरंत समाधान कर दिया गया है। बाकी बची समस्याओं—पानी, भोजन की गुणवत्ता, किताबें और शिक्षकों की तैनाती के लिए संबंधित विभागों को कड़े निर्देश जारी किए जा रहे हैं। अधिकारियों के ठोस आश्वासन और बसों की व्यवस्था के बाद सभी छात्रों को सुरक्षित विद्यालय वापस पहुंचाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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