West bengal : सनातन संस्कृति संसद की ओर से कोलकाता में आयोजित गीता पाठ को भाजपा का कार्यक्रम बताने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी निशाने पर हैं।
गीता पाठ के कार्यक्रम में भाजपा नेता हिंदू होने की वजह से गए थे, राजनेता के तौर पर नहीं : सुवेंदु अधिकारी |
West bengal : सनातन संस्कृति संसद की ओर से कोलकाता में आयोजित गीता पाठ को भाजपा का कार्यक्रम बताने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी निशाने पर हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में भवानीपुर विधानसभा सीट से उनका जोरदार मुकाबला करने वाली भाजपा उम्मीदवार अधिवक्ता प्रियंका टिबरेवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नमाज सुनने की आदी है। गीता पाठ सुनने पर उनके कान से रक्तस्राव होता है। भाजपा नेता व विधानसभा में विपक्षी दल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि गीता पाठ के कार्यक्रम में भाजपा नेता हिंदू होने की वजह से गए थे, राजनेता होने के तौर पर नहीं।
भाजपा नेता प्रियंका टिबरेवाल ने कहा कि सनातन संस्कृति संसद ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को गीता पाठ कार्यक्रम में आमंत्रित किया था, लेकिन वे नहीं आईं। उन्होंने कहा कि गीता पाठ कार्यक्रम में बाबा बालेश्वर, मां ऋतंभरा समेत देश के बड़े-बड़े साधु-संत मौजूद हुए। भाजपा के नेता भी मौजूद हुए, लेकिन वे अन्य हिंदु भक्तों की तरह ही मौजूद हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उस बयान की आलोचना की, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि जिस कार्यक्रम में भाजपा के नेता हों, वे उस कार्यक्रम में कैसे जा सकती हैं?
सीएम ममता बनर्जी का बयान
सीएम ममता बनर्जी ने कहा था कि जो लोग विवेकानंद से घृणा करते हैं, गांधीजी को नहीं मानते, वहां कैसे जा सकते हैं? मेरे माता-पिता ने यह शिक्षा नहीं दी है। बंगाल की मिट्टी ने यह शिक्षा नहीं दी है। बंगाल का जो अपमान करते हैं, जो बांग्ला विरोधी हैं, उनके साथ मैं नहीं रह सकती। सीएम ममता बनर्जी ने गीता पाठ कार्यक्रम को भाजपा कार्यक्रम बताया था। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना करते हुए भाजपा नेता प्रियंका टिबरेवाल ने गीता पाठ को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि गीता पाठ के कार्यक्रम में देश भर से साधु-संत समेत पांच लाख हिंदू शामिल हुए थे। यह कार्यक्रम उनका था न कि भाजपा का।
विधानसभा में विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि गीता पाठ कार्यक्रम हिंदुओं का कार्यक्रम था, भाजपा का नहीं। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि गीता पाठ के किसी मंच पर न भाजपा का कोई नेता मौजूद हुआ था और न भाषण दिया था। सभी भाजपा नेता श्रोता के रूप में मैदान में जमीन पर तो कोई कुर्सी पर बैठे थे। गीता पाठ के मुख्य भूमिका में साधु-संत थे और उन्होंने ही प्रवचन दिया। भाजपा सनातन की रक्षा का काम करती है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बचाव में टीएमसी का कहना है कि गीता पाठ के कार्यक्रम में भाजपा नेताओ को छोड़कर किसी भी दूसरी पार्टी के नेता नहीं थे। किसी दूसरी पार्टी के कार्यकर्ता तक नहीं थे। कार्तक महाराज जैसे कई व्यक्ति कार्यक्रम में थे, जिनका संबंध भाजपा से है। विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रशासनिक बैठक में हिस्सा लेने के लिए कूचबिहार गईं तो उन्होंने वहां क्यों मदनमोहन मंदिर में पूजा अर्चना की। उन्होंने क्यों अधिकारियों से यह जानकारी ली कि जिले में कितने मंदिरों का पुनर्निर्माण किया गया है?
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