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भगवंत मान को लीगल नोटिस

भाजपा नेता तरुण चुघ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को भेजा कानूनी नोटिस

भाजपा नेता तरुण चुघ ने गुरुवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक कानूनी नोटिस भेजा है। उन्होंने सीएम पर हाल ही में हुए बम धमाकों से जुड़े कथित मानहानिकारक बयान देने का आरोप लगाया है।

भाजपा नेता तरुण चुघ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को भेजा कानूनी नोटिस

Tarun Chugh Sends Legal Notice to CM Bhagwant Mann |

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता तरुण चुघ ने गुरुवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक कानूनी नोटिस भेजा है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर पंजाब में हाल ही में हुई बम धमाकों की घटनाओं से जुड़े कथित मानहानिकारक बयान देने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मान ने बिना किसी विश्वसनीय सबूत के बम धमाकों की घटनाओं के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया व झूठे, बेबुनियाद और भड़काऊ" बयान दिए हैं।

DGP के रुख का हवाला देकर लगाए गंभीर सवाल

कानूनी नोटिस में दावा किया गया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री के बयान राजनीतिक रूप से प्रेरित थे। जनता में अशांति फैलाने, सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने में सक्षम थे। इसमें आगे कहा गया है कि ये आरोप पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) के रुख के विपरीत हैं, जिन्होंने कथित तौर पर संकेत दिया था कि ये घटनाएं विदेशी शत्रुतापूर्ण और ISI-समर्थित नेटवर्क से जुड़ी प्रतीत होती हैं।

भाजपा की छवि खराब करने का आरोप

नोटिस में कहा गया है, "आपने यह संकेत दिया है कि ऐसी हिंसक घटनाएं आगामी चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं और आपने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा पर ऐसी घटनाओं को अंजाम देने का आरोप लगाया है जो एक अत्यंत गंभीर प्रकृति का आरोप है।" इसमें आगे कहा गया है कि, "आपका बयान स्पष्ट रूप से झूठा, राजनीतिक रूप से प्रेरित, अपने आप में मानहानिकारक है। इसका उद्देश्य भाजपा और उसके नेतृत्व की प्रतिष्ठा, विश्वसनीयता और सार्वजनिक छवि को धूमिल करना है। आपका आचरण जनता को गुमराह करने, अविश्वास पैदा करने और लोकतांत्रिक विमर्श को विकृत करने के इरादे से जानबूझकर गलत सूचना फैलाने के समान है।"

7 दिन में माफी नहीं तो कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

नोटिस में मांग की गई है कि भगवंत मान कथित मानहानिकारक और झूठे बयानों को वापस लें। सात दिनों के भीतर बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगें और भविष्य में भाजपा के खिलाफ इसी तरह के बयान देने से बचें। चुघ ने चेतावनी दी कि यदि इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत आपराधिक मानहानि की कार्यवाही शुरू की जा सकती है। (एएनआई)

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