यहां सामने आए बहुचर्चित 2 करोड़ की एमडी ड्रग जब्ती मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में जिस मादक पदार्थ को एमडी ड्रग बताया गया था, वह वास्तव में यूरिया (पोटैशियम नाइट्रेट) निकला।
इंदौर। यहां सामने आए बहुचर्चित 2 करोड़ की एमडी ड्रग जब्ती मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में जिस मादक पदार्थ को एमडी ड्रग बताया गया था, वह वास्तव में यूरिया (पोटैशियम नाइट्रेट) निकला। इसके बाद जिला न्यायालय ने तेजाजी नगर पुलिस द्वारा पेश की गई चार्जशीट को खारिज करते हुए पुलिसकर्मियों समेत सभी आरोपियों को राहत दे दी है।
पुलिस ने किया था बड़ी कार्रवाई का दावा
यह मामला 26 फरवरी 2025 का है। उस समय तेजाजी नगर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई का दावा करते हुए करीब 2 करोड़ रुपये की एमडी ड्रग जब्त करने की बात कही थी। मामले में कई लोगों को आरोपी बनाया गया था और पुलिस ने इसे बड़ी कामयाबी बताया था।
चौकाने वाले तथ्य सामने आये
हालांकि, जब मामला कोर्ट में विचाराधीन रहा और पदार्थ की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट सामने आई, तो चौंकाने वाला तथ्य उजागर हुआ। जांच में जब्त किया गया पदार्थ नशीला ड्रग नहीं बल्कि यूरिया पाया गया।
आरोप तथ्य पर खरे नहीं उतरते
फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जिला न्यायालय ने माना कि पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप तथ्यों पर खरे नहीं उतरते। इसके चलते तेजाजी नगर पुलिस की ओर से पेश की गई चार्जशीट को खारिज कर दिया गया और सभी आरोपियों को राहत दे दी गई।
पुलिस की विश्वसनीयता पर सवाल
इस फैसले के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना पुख्ता जांच और पुष्टि के इतनी बड़ी कार्रवाई का दावा करना न केवल न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करता है, बल्कि पुलिस की विश्वसनीयता पर भी असर डालता है।
पुलिस जांच चर्चा में
इस मामले में आगे किसी विभागीय जांच या जिम्मेदारी तय करने को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन कोर्ट के इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर पुलिस जांच की गुणवत्ता और जवाबदेही को लेकर चर्चा में आ गया है।
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