उत्तर प्रदेश में मई-जून में जनगणना का पहला चरण शुरू होगा। पूरी तरह से डिजिटल जनगणना के लिए प्रदेशभर में करीब छह लाख कार्मिकों की तैनाती की जाएगी।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मई-जून में जनगणना का पहला चरण शुरू होगा। पूरी तरह से डिजिटल जनगणना के लिए प्रदेशभर में करीब छह लाख कार्मिकों की तैनाती की जाएगी।
मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (एसएलसीसीसी) की दूसरी बैठक में जनगणना के प्रथम चरण की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। मई-जून में प्रस्तावित जनगणना का पहला चरण पूरी तरह डिजिटल होगा। जनगणना-2027 के पहले चरण में हाउस लिस्टिंग एवं आवास गणना की तैयारियां तेज हो गयी हैं। इसके लिए प्रदेशभर में करीब छह लाख कार्मिकों की तैनाती की जाएगी।
कार्मिकों को दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण
मुख्य सचिव ने बैठक में निर्देश दिए कि हाउस लिस्टिंग एवं आवास जनगणना का कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और तकनीक आधारित तरीके से संपन्न कराएं। बैठक में बताया गया कि प्रथम चरण के तहत घरों, भवनों और आवासीय सुविधाओं से संबंधित आंकड़ों का संग्रहण, प्रविष्टि, सत्यापन और अनुश्रवण पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगा। इसके लिए कार्मिकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रदेश की किसी भी प्रशासनिक इकाई के क्षेत्राधिकार में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा ताकि प्रथम चरण की जनगणना बिना बाधा पूरी हो सके। बैठक में पूर्व में बुलंदशहर, बहराइच और प्रयागराज में किए गए प्री-टेस्ट के अनुभवों की समीक्षा भी की गई। सामान्य प्रशासन विभाग को राज्य नोडल विभाग के रूप में सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय की जिम्मेवरी सौंपी गई है।
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