UP News : यूपी का स्वास्थ्य महकमा राज्य की चिकित्सा व्यवस्था सुधारने को लेकर ऐक्शन में नजर आया। स्वास्थ्य विभाग ने भ्रष्टाचार के मामले में पांच शीर्ष चिकित्साधिकारियों पर कार्रवाई के बाद लंबे समय से
यूपी में ड्यूटी से लगातार गैरहाजिर तीन डॉक्टर होंगे बर्खास्त, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कार्रवाई के दिए निर्देश |
UP News : यूपी का स्वास्थ्य महकमा राज्य की चिकित्सा व्यवस्था सुधारने को लेकर ऐक्शन में नजर आया। स्वास्थ्य विभाग ने भ्रष्टाचार के मामले में पांच शीर्ष चिकित्साधिकारियों पर कार्रवाई के बाद लंबे समय से गैरहाजिर 3 डॉक्टर बर्खास्त कर दिया किये जाने का लिया निर्णय है। साथ ही कमिश्नर की पत्नी के इलाज में लापरवाही बरतने के मामले में मिर्जापुर जिला अस्पताल के तत्कालीन डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है।
उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में रोड़े अटकाने वालों के खिलाफ प्रदेश सरकार ने और सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लगातार गैरहाजिर तीन डॉक्टरों को बर्खास्त करने के आदेश चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को दिए हैं।
आगरा के शमशाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) में तैनात डॉ. वन्दना जैन, श्रावस्ती संयुक्त जिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विपुल अग्रवाल, बाराबंकी के जाटा बरौली सीएचसी के डॉ. देववृत लगातार गैरहाजिर चल रहे थे। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को गैरहाजिर चल रहे डॉक्टरों को बर्खास्त करने के निर्देश दिए हैं।
वाराणसी कबीर चौरा जिला महिला चिकित्सालय में 18 अगस्त को गर्भवती रिजवाना को सायंकाल ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स प्रीतम सिंह ने बिना डॉक्टरी परीक्षण रेफरल पर्ची तैयार की दी। गर्भवती को एम्बुलेंस व स्ट्रेचर की व्यवस्था नहीं की। जिस कारण गर्भवती का प्रसव विषम परिस्थितियों में अस्पताल प्रांगण में ही हो गया। लिहाजा प्रसूता की जिंदगी संकट में पड़ गई। घटना को गम्भीरता से लेते हुए उप मुख्यमंत्री ने स्टाफ नर्स प्रीतम सिंह को आरोप पत्र देकर निलम्बित करने के आदेश दिये हैं। साथ ही महिला चिकित्साधिकारी डॉ. सुमिता गुप्ता द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही किये जाने के दोष में उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही के आदेश भी दिये गये है।
इसके अलावा डॉक्टर व कर्मचारियों पर प्रभावी नियंत्रण न रखने, ड्यूटी चार्ट, राउण्ड की व्यवस्था, रोगियों के बेड हेड टिकट पर वाइटल्स की नियमित रिकॉर्डिंग, चिकित्सालय का स्वयं नियमित राउण्ड न करने हेतु प्रमुख अधीक्षिका को भी दोषी पाया गया है। ऐसे में अस्पताल की प्रमुख अधीक्षिका डॉ. नीना वर्मा के विरूद्ध भी विभागीय कार्यवाही के आदेश दिये गये हैं।
मिर्जापुर विन्ध्याचल मंडल के अपर आयुक्त (प्रशासन) डॉ. विश्राम सिंह की पत्नी रमा यादव के इलाज में लापरवाही के जिला अस्पताल के चिकित्साधिकारियों पर आरोप लगे थे। आरोप हैं कि रमा यादव की समय पर ईसीजी जांच नहीं कराई गई। मामले की जांच कराई गई जिसमें मिर्जापुर चिकित्सालय के तत्समय तैनात चार चिकित्साधिकारी डॉ. विनय कुमार, डॉ. सुनील सिंह, डॉ. तरूण सिंह जो कि वर्तमान में मुख्य चिकित्साधिकारी, सोनभद्र के अधीन तैनात हैं एवं डॉ. पंकज पाण्डेय, जो वर्तमान में स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय मिर्जापुर के पल्मोनरी विभाग में सहायक आचार्य के पद पर कार्य कर रहे हैं, उनको आरोप पत्र देकर विभागीय कार्यवाही के आदेश दिये गये हैं।
तत्समय तैनात संबंधित स्टाफ नर्स सुषमा पाण्डेय, जो कि सेवानिवृत हो चुकी हैं, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई किये जाने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही अयोध्या स्थित कुमारगंज के 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों को बाहर की दवा लिखने व प्राइवेट प्रैक्टिस का मामला सामने आया है। उप मुख्यमंत्री ने अस्पताल की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. शीला वर्मा व फिजीशियन डॉ. अरविन्द मौर्या को आरोप पत्र देकर अनुशासनिक कार्यवाही के आदेश अपर मुख्य सचिव को दिए हैं।
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