नर्मदापुरम। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) से एक दुखद खबर सामने आई है। यहाँ के मटकुली रेंज स्थित नयाखेड़ा क्षेत्र में एक चार माह के बाघ शावक का शव मिला है।
नर्मदापुरम। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) से एक दुखद खबर सामने आई है। यहाँ के मटकुली रेंज स्थित नयाखेड़ा क्षेत्र में एक चार माह के बाघ शावक का शव मिला है। इस घटना ने वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि पिछले 9 महीनों में यह पाँचवीं घटना है जब रिजर्व में किसी बाघ या शावक की जान गई है।
वनकर्मियों ने सुनी थी दहाड़
रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार की शाम वनकर्मियों को जंगल में दो बाघों के तेज दहाड़ने की आवाज सुनाई दी थी। संदेह होने पर जब गश्ती दल (Patrolling Team) मौके पर पहुँचा, तो उन्हें अंधेरे में शावक का शव मिला। सुरक्षा के लिहाज से रातभर उस इलाके की निगरानी की गई और सुबह वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में जांच शुरू हुई।
आपसी संघर्ष से मौत की आशंका
क्षेत्र संचालक (Field Director) राखी नंदा के अनुसार, शावक के शरीर पर गहरे घाव और चोट के निशान मिले हैं। घटनास्थल पर नर और मादा बाघ दोनों के पदचिह्न (Pugmarks) पाए गए हैं।
प्राथमिक जांच में आपसी संघर्ष का मामला
प्रथमदृष्टया यह मामला टेरिटोरियल फाइट (आपसी संघर्ष) का लग रहा है। अक्सर बड़े नर बाघ अपनी सीमा में दूसरे के शावकों पर हमला कर देते हैं। शावक के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं, जिससे शिकार (Poaching) की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है।
9 माह में 5 मौतें
सतपुड़ा रिजर्व में पिछले कुछ समय से बाघों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। पिछले 9 महीनों में यह पाँचवीं मौत है। कुछ समय पहले एक रेडियो कॉलर वाले बाघ की जहर देकर हत्या का मामला भी सामने आया था, वहीं एक अन्य घटना में बाघ का पंजा कटा हुआ मिला था।
गश्त की प्रभावशीलता पर सवाल
बार-बार हो रही इन मौतों ने रिजर्व के मॉनिटरिंग सिस्टम और गश्त की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विसरा के नमूने भेजे गए
वन विभाग ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों के तहत शावक का पोस्टमार्टम करवाया है। विसरा के नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं ताकि मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो सके। फिलहाल पूरे मटकुली रेंज में निगरानी बढ़ा दी गई है।
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