भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से लगे बाहरी इलाके सूखी सेवनिया में पिछले 15 दिनों से एक बाघ का...
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से लगे बाहरी इलाके सूखी सेवनिया में पिछले 15 दिनों से एक बाघ का आतंक फैला हुआ है। बाघ की लगातार सक्रियता के कारण क्षेत्र के 7 गांवों में भारी दहशत का माहौल है। इस खूंखार शिकारी ने अब तक लगभग आधा दर्जन पालतू मवेशियों को अपना निवाला बना लिया है। बाघ लगातार रिहायशी इलाकों के करीब आकर मवेशियों को अपना निशाना बना रहा है।
ग्रामीणों में दहशत
बाघ के डर से किसानों ने रात के समय खेतों में जाना पूरी तरह बंद कर दिया है। वन विभाग ने बाघ की निगरानी के लिए जंगलों और संभावित रास्तों पर ट्रैप कैमरे लगाए हैं और गश्ती टीमें तैनात कर दी हैं।
प्रभावित इलाके और बढ़ता खतरा
सूत्रों के अनुसार, बाघ हलाली नदी और पहाड़ी के गुप्त रास्तों का इस्तेमाल कर आबादी वाले इलाकों तक पहुंच रहा है। मुख्य रूप से कनेरा, करोंद खुर्द, कड़ैया, छापर, अगरिया, मुगालिया कोट औऱ चांचेड़ गांव में बाघ का आंतक बना हुआ है। बाघ अक्सर इन गांवों के बाहरी हिस्सों या खेतों में बंधे हुए मवेशियों (गाय और भैंस) पर रात के अंधेरे में हमला कर रहा है।
ग्रामीणों में खौफ का साया
बाघ की आहट और लगातार हो रहे हमलों के कारण ग्रामीणों में गहरा रोष और भय है। देर शाम होते ही लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं। फसल की देखरेख और सिंचाई के लिए किसानों ने रात के वक्त खेतों पर जाना बंद कर दिया है, जिससे उनकी फसलों पर भी असर पड़ रहा है। ग्रामीण खेतों या सामान्य रास्तों के बजाय 5 से 6 किलोमीटर घूमकर मुख्य रास्तों से आ-जा रहे हैं ताकि बाघ से आमना-सामना न हो।
वन विभाग सचेत
घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम अलर्ट मोड पर आ गई है। बाघ के मूवमेंट और उसके पगमार्क को ट्रैक करने के लिए प्रभावित गांवों के आसपास ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से अकेले रात में बाहर न निकलने और सतर्कता बरतने की अपील की है। विशेष रेस्क्यू टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है ताकि जल्द से जल्द बाघ को सुरक्षित रूप से रिहायशी इलाकों से दूर खदेड़ा या पकड़ा जा सके।
इधर, दमोह में मडियादो के जंगल में सड़क किनारे रातभर बैठा रहा बाघ
दमोह जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ मडियादो से करीब 11 किलोमीटर दूर कल्कुआ गांव के पास देर शाम सड़क किनारे एक बाघ देखा गया। सड़क के बिल्कुल करीब बाघ की मौजूदगी की खबर फैलते ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही बफर क्षेत्र प्रबंधन और वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था संभाली।
रोकी गई आवाजाही
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने सड़क के दोनों ओर से वाहनों और लोगों का आना-जाना पूरी तरह रोक दिया। जब बाघ सड़क से कुछ दूर जंगल के अंदर चला गया, तभी मार्ग पर दोबारा आवाजाही शुरू की गई।
पगचिह्न और शिकार की खबरें
पिछले करीब एक महीने से इस जंगल में बड़े मवेशियों के शिकार की खबरें लगातार आ रही थीं। साथ ही समय-समय पर पगचिह्न मिलने के दावे भी किए जा रहे थे। शनिवार शाम को सड़क किनारे बाघ के प्रत्यक्ष दिखाई देने से इसकी मौजूदगी की पूरी तरह पुष्टि हो गई।
कॉरिडोर का इतिहास
साल 2009 में भी इसी कॉरिडोर (किशनगढ़ के नगदा जंगल से अमखुआं, पाटन, मनकपुरा तक के क्षेत्र) में बाघ की उपस्थिति दर्ज की गई थी। अब लंबे समय बाद फिर से इसी रूट पर बाघ देखा गया है।
जंगली जीवों से गुलजार है मडियादो का जंगल
मडियादो के जंगलों में पहले से ही तेंदुआ, भालू, हाइना (लकड़बग्घा) और सोन कुत्ता जैसे जंगली जानवर बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। अब इस क्षेत्र में बाघ की नियमित उपस्थिति ने यह साबित कर दिया है कि यह जंगल बाघों के लिए भी एक सुरक्षित आशियाना बनता जा रहा है।
वन विभाग की मुस्तैदी और चेतावनी
बाघ दिखने के बाद वन विभाग का अमला पूरी रात मुस्तैद रहा। मौके पर परिक्षेत्र अधिकारी जेपी मिश्रा, बीटगार्ड रामगोपाल अहिरवार, वीरेश खटीक और भूपेंद्र पटेल सहित अन्य कर्मचारी बाघ की सुरक्षा और निगरानी में जुटे रहे। पन्ना टाइगर रिजर्व परिक्षेत्र अधिकारी, बफर क्षेत्र मडियादो जेपी मिश्रा ने कहा कि सड़क किनारे बाघ देखा गया है। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों से अपील है कि वे देर रात इस रास्ते से अकेले न गुजरें। इसके अलावा, सुरक्षा के लिहाज से कोई भी व्यक्ति जंगल के भीतर न जाए और पूरी सावधानी बरतें।
यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/india/mallikarjun-kharge-said-on-pm-modi-appeal-teaching-the-country-a-lesson/203653